
रतलाम। शहर की उन सभी ५० अवैध कॉलोनियां जिन्हें नियमितीकरण की श्रेणी में ले लिया गया है वहां के लोगों के लिए खुश खबर है। इन कॉलोनियों के रहवासियों को अब नगर निगम से परमिशन लेने के लिए निगम के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। निगम में इन्हें बकायदा परमिशन देगी और भवनों का नामांतरण भी करेगी। यह निर्णय शुक्रवार को मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में हुआ। साथ ही शहर की ३३ कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए भी टेंडर भी जारी करने का निर्णय किया गया। ये वे कॉलोनियां हैं जिन्हें मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों नियमित करने की प्रक्रिया में शामिल कर लिया था। इन दोनों महत्वपूर्र्ण निर्णयों से अवैध कॉलोनियों में रहने वालों की न केवल परेशानी दूर होगी वरन इन कॉलोनियों में अब धड़ल्ले से विकास कार्य हो सकेगा।
सदस्यों ने जताई नाराजगी तो नहीं मिला जवाब
एमआईसी सदस्यों के समय पर कार्य नहीं होने से उनका आक्रोश एमआईसी बैठक में सामने आ गया। वरिष्ठ सदस्य प्रेम उपाध्याय ने एक साल पहले चार नालों पर ढक्कन लगाने का पत्र दिया था। स्वीकृत भी हो चुका है किंतु अब तक नहीं लगने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिर से बरसात सिर पर है। क्या हम लोग ढक्कन नहीं लगाकर दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह का गुस्सा वार्ड क्रमांक दो के पार्षद व एमआईसी सदस्य ताराचंद पंचोनिया ने भी दिखाया। पिछले सालों से उनके वार्ड के कार्यों को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं होने पर उन्होंने यहां तक कह दिया कि आप लोग बार-बार ***** बनाते हो कि दो दिन में काम हो जाएगा। आपके दो-तीन दिन कभी होते नहीं है।
सवा तीन करोड़ से स्टेडियम बनेगा
नेहरू स्टेडियम के नवनिर्माण का कार्य कन्सलटेंट एस. पदम मालवीय द्वारा तैयार की गई कार्य योजनानुसार करवाए जाने के लिए एमआईसी ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी। साथ ही सीवरेज कार्य में क्षत्रिग्रस्त हुई सड़कों का रिस्टोरेशन कार्य मजबूत कराने के लिए तैयार किए गए रिवाईज्ड एस्टीमेट को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्करप्रकारप्पाप्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव, मुखर्जी नगर में बन रहे व बंजली में निर्माणाधीन एलआईजी व एमआईजी भवनों की कीमत आरक्षण के बाद निर्धारित की जाएगी। इसमें 'पहले आओ-पहले पाओ की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में महापौर डॉ. सुनीता यार्दे के अलावा एमआईसी सदस्य प्रेम उपाध्याय, भगतसिंह भदौरिया, मंगल लोढ़ा, सूरजसिंह जाट, ताराचन्द पंचोनिया, मनीषा शर्मा, रेखा जौहरी, मोनिका सोनी, निगम आयुक्त एस.के. सिंह, प्रभारी कार्यपालन यंत्री सुरेशचन्द्र व्यास, जीके जायसवाल, नागेश वर्मा, प्रभारी सहायक श्याम सोनी, निगम सचिव जसवंत जोशी, उपयंत्री एमके जैन, सत्यप्रकाश आचार्य, सहायक विधि अधिकारी भानुप्रताप सिंह तोमर, सहायक वर्ग 3 राजेन्द्रसिंह गेहलोत आदि उपस्थित थे।
ये भी किए गए निर्णय
- मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 160 के प्रावधान अनुसार निगम में उपलब्ध/संधारित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि के अतिरिक्त अन्य विलेख स्वत्व अभिलेख तथा पंजीकृत विक्रय पत्र, बंटवारा, दान-पत्र वसीयत पत्र, हीबानामा के प्रमाणिकरण एवं सत्यापन संबंधित कार्य को प्रतिबंधित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
- मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजनान्तर्गत स्वीकृत कार्य के अतिरिक्त विभिन्न आकार की 28.634 किलोमीटर पाईप लाईन स्थापना का कार्य मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के निविदाकार से करवाये जाने व उस पर होने वाले अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति महापौर परिषद ने प्रदान की।