MP News: राजापूरा गांव में टंट्या मामा की मूर्ति अनावरण के साथ आदिवासी राजनीति ने नया मोड़ लिया। नेताओं ने भील बहुल चार राज्यों को मिलाकर ‘भील प्रदेश’ राज्य गठन की खुली मांग कर दी।
Bhil Pradesh Demand: क्रांतिकारी टंट्या मामा (Tantya Mama) की मूर्ति का अनावरण रतलाम के बाजना तहसील के राजापूरा गांव में माही नदी के तट पर रविवार को किया गया। मूर्ति अनावरण के बाद सभा में भारत आदिवासी पार्टी के संस्थापक एवं बांसवाड़ा डूंगरपुर के सांसद प्रत्याशी रहे कांति भाई रोत ने कहा देश के आदिवासियों की बहुत सारी समस्याएं है, जिनके समाधान के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों को मिलाकर नए राज्य भील प्रदेश की स्थापना करनी ही होगी। (MP News)
आयोजन में बांसवाड़ा जिले के बागीदोरा विधायक जय कृष्ण पटेल ने कहा आने वाले समय में आदिवासी पार्टी के प्रदेश में कई विधायक जिताने होंगे ताकि सरकार में आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। विधायक डोडियार ने गांव के छोटे विवादों का समाधान ग्राम सभा के माध्यम से करते हुए टंटिया मामा के विचारों और कार्यों पर प्रकाश डाला।
जयस नेता नितेश अलावा ने कहा युवाओं को कानून की जानकारी रखने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों को दूर करना होगा। राजस्थान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मांगीलाल निनामा ने कहा कि समस्यायों का समाधान संविधान में है। आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन आकास के जिला अध्यक्ष ध्रुवलाल पटवारी ने आदिवासी समाज के युवाओं में व्याप्त नशे और सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त की।
भारत आदिवासी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कोमल धोपिया ने कहा जनजातीय समाज की समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदार होना होगा। कविता भगोरा ने आदिवासी रीति रिवाजों के सरंक्षण पर जोर दिया वही झाबुआ के सचिन गामड ने आदिवासियों के धार्मिक आस्था और संस्कृति पर विचार रखे। आदिवासी छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष ध्यानवीर डामोर ने जंगलों में खेती कर रहे आदिवासी किसानों के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे प्राप्त करने के अधिकारों पर प्रकाश डाला।
आदिवासी पार्टी जिलाध्यक्ष चंदू मैडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेंद्र मेड़ा, आदिवासी पार्टी महिला जिलाध्यक्ष संगीता कटारा, सरपंच संघ अध्यक्ष रमेश खराडी, कनीराम सिंगाड़, भूरालाल राजपुरा आदि ने सभा में विचार साझा किए। संचालन शरद डोडियार ने आभार सरपंच बद्रीलाल मावी ने व्यक्त किया। (MP News)