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ई-टोकन: किसानों ने कलेक्टोरेट में ज्ञापन फाड़ा

किसानों के अनुसार, पोर्टल पर उर्वरक का निर्धारण फसल की आवश्यकता के आधार पर न्यायसंगत नहीं है। अधिकारियों से चर्चा के दौरान कोई उचित जवाब नहीं मिलने और समस्याओं में सुधार नहीं होने पर किसानों ने ज्ञापन वहीं फाड़ दिया और चले गए।
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 13 Jul 2026, 10:48 PM IST

Collectorate, fertilizer distribution news ratlam

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ और जिला युवा कांग्रेस के बेनर तले ई-टोकन प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया।

रतलाम. जिले के किसान खाद वितरण की ई-टोकन प्रणाली से परेशान हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ और जिला युवा कांग्रेस के बेनर तले ई-टोकन प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान नायब तहसीलदार रामचंद्र पांडे और डीडीए भगवानसिंह अर्गल के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए किसानों ने बताया कि बोवनी के बाद खाद लेने के लिए ई-टोकन बुक करना पड़ता है, जो उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है। किसानों के अनुसार, पोर्टल पर उर्वरक का निर्धारण फसल की आवश्यकता के आधार पर न्यायसंगत नहीं है। अधिकारियों से चर्चा के दौरान कोई उचित जवाब नहीं मिलने और समस्याओं में सुधार नहीं होने पर किसानों ने ज्ञापन वहीं फाड़ दिया और चले गए।

यूरिया के साथ दूसरा खाद अनिवार्य क्यों
प्रदर्शन करते हुए किसान सोमवार दोपहर कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों का कहना था कि मक्का जैसी फसल के लिए केवल यूरिया की आवश्यकता होती है, लेकिन पोर्टल पर एनपीके, एसएसपी या डीएपी भी लेना अनिवार्य दर्शाया जा रहा है। इसके बिना बुकिंग आगे नहीं बढ़ती।

4-7 किमी के दायरे में उपलब्ध कराए खाद
रतलाम के गोदामों में खाद पर्याप्त होने के बावजूद, पोर्टल पर यह उपलब्ध नहीं दिखता, जिससे किसानों को 50-55 किलोमीटर दूर के गोदामों के टोकन मिल रहे हैं। किसानों ने ई-टोकन सॉफ्टवेयर में सुधार करने और खाद 4-7 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध कराने की मांग की है।

ये रहे मौजूद
ज्ञापन के दौरान लक्ष्मणसिंह डिंडोर, युवा कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष देवेंद्रसिंह सेजावता, राष्ट्रीय किसान महासंघ जिलाध्यक्ष राधेश्याम उपाध्याय, किसान नेता राजेश पुरोहित, जनपद सदस्य मानवेंद्रसिंह लूनेरा, महेंद्रसिंह, समरथलाल पाटीदार, गोपाल गुर्जर, मांगीलाल मालवीय, जितेंद्रसिंह, देवीलाल जाट, गौरव प्रजापत आदि कई किसान मौजूद थे।

ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था
ई विकास प्रणाली के माध्यम से कृषक द्वारा प्रथम बार टोकन में बुक की गई खाद की सम्पूर्ण मात्रा क्रय/उठा लेने के बाद द्वितीय बार टोकन बुक करते समय यूरिया या किसी भी खाद की आवश्यकता अनुसार बुकिंग कर के उठाव/ क्रय किया जा सकता है। इस प्रकार कृषक द्वारा मक्का, कपास या अन्य खड़ी फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया आसानी क्रय की जा सकती है।
भगवानसिंह अर्गल, उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास