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रतलाम में खाद बुकिंग नियम में बदलाव

ई-विकास प्रणाली से पहला टोकन उठाने के बाद किसान कर सकेंगे दूसरी बार बुकिंग, मिलेगा यूरिया, यूरिया सहित अन्य उर्वरक भी उपलब्ध जरूरतों के अनुसार उर्वरक चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 12 Jul 2026, 10:26 PM IST

E-Vikas System news ratlam

ई-विकास प्रणाली से पहला टोकन उठाने के बाद किसान कर सकेंगे दूसरी बार बुकिंग, मिलेगा यूरिया, यूरिया सहित अन्य उर्वरक भी उपलब्ध

रतलाम। जिले के किसानों के लिए उर्वरक बुकिंग प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब ई-विकास प्रणाली के माध्यम से प्रथम टोकन में बुक की गई खाद की पूरी मात्रा का क्रय और उठाव करने के बाद ही कृषक दूसरी बार टोकन बुक कर सकेंगे।

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास भगवानसिंह अर्गल ने जानकारी में बताया कि दूसरी बार टोकन बुकिंग के दौरान किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार यूरिया अथवा किसी भी अन्य उर्वरक की बुकिंग कर उसका क्रय एवं उठाव कर सकते हैं।

उर्वरक चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी
यह व्यवस्था विशेष रूप से मक्का, कपास तथा अन्य खड़ी फसलों में टॉप ड्रेसिंग के लिए आवश्यक यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, जिससे किसानों को समय पर खाद मिल सकेगी। इस निर्णय से किसानों को अपनी फसल की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार उर्वरक चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।

जरूरत के अनुसार उर्वरक प्राप्त करें
उप संचालक ने किसानों से आग्रह किया है कि वे प्रथम टोकन में बुक की गई खाद की पूरी मात्रा का समय पर उठाव करें। उन्होंने जोर दिया कि आवश्यकता होने पर ही किसान दूसरी बार टोकन बुक कर अपनी फसल की जरूरत के अनुसार उर्वरक प्राप्त करें।

वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में भी सहायक
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उर्वरकों का सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को सही समय पर आवश्यक खाद उपलब्ध हो सके। यह कदम कालाबाजारी रोकने और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में भी सहायक होगा, जिससे कृषि क्षेत्र को बल मिलेगा।

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता
ई-विकास प्रणाली के माध्यम से यह नई व्यवस्था उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाएगी। किसानों को अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खाद खरीदने की सुविधा मिलेगी, जिससे कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा। समय पर उर्वरक की उपलब्धता से फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। यह प्रणाली सरकार के डिजिटल इंडिया पहल का भी एक हिस्सा है, जो कृषि क्षेत्र में दक्षता को बढ़ावा दे रही है।