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रतलाम मेडिकल कॉलेज में एमआरआई शुरू करने की मंजूरी

आने वाले दिनों में रतलाम मेडिकल कॉलेज में मरीजों को एमआरआई की सुविधा मिलने लगेगी। इसका लाभ यह होगा की गंभीर बीमारियों के उपचार में चिकित्सकों को मदद मिलेगी।
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Approval granted to start MRI services at Ratlam Medical College

सब कुछ सही रहा तो गंभीर बीमारियों का उपचार भी होगा रतलाम के मेडिकल कॉलेज में

रतलाम। आने वाले दिनों में रतलाम मेडिकल कॉलेज में मरीजों को एमआरआई की सुविधा मिलने लगेगी। इसका लाभ यह होगा की गंभीर बीमारियों के उपचार में चिकित्सकों को मदद मिलेगी। फिलहाल एमआरआई के लिए निजी सेंटर पर जाकर महंगा जांच कराना मरीजों की मजबूरी है। एमआरआई स्कैन शरीर के किसी भी हिस्से या पूरे शरीर का किया जा सकता है। इसको शुरू करने के लिए राज्य से दल ने आकर स्थल निरीक्षण किया व इसकी मंजूरी दे दी है। सब कुछ सही रहा तो जल्दी ही इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। शहर विधायक व राज्य के मंत्री चेतन्य काश्यप लगातार इस सुविधा के लिए पत्राचार कर रहे थे।

रतलाम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के अनुसार एमआरआई एक उन्नत चिकित्सा तकनीक है जो बिना किसी चीर-फाड़ या हानिकारक रेडिएशन के शरीर के अंदरूनी अंगों और ऊतकों की विस्तृत और स्पष्ट 3डी तस्वीरें बनाने के लिए शक्तिशाली चुंबकों और रेडियो तरंगों का उपयोग करती है। एमआरआई मुख्य रूप से उन बीमारियों या चोटों का सटीक निदान करने के लिए की जाती है जो साधारण एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखतीं। मुख्य रूप से ये ब्रेन और स्पाइन (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) ज्वाइंट्स (घुटने, कंधे, कूल्हे, कलाई और टखने) पेट और पेल्विस(एब्डोमिनलऑर्गन्स और प्रजनन अंग) हार्ट और ब्लड वेसल्स (हृदय और रक्त वाहिकाएं, छाती और स्तन (ब्रेस्ट) के उपचार में मदद करती है।

चार सदस्यों वाले दल ने किया निरीक्षण

रतलाम मेडिकल कॉलेज में पदस्थ वरिष्ठ चिकित्सको के अनुसार इसी सप्ताह भोपाल से चार सदस्यों वाले दल ने आकर एमआरआई सुविधा देने के लिए स्थल का निरीक्षण किया। स्थल देकर तुरंत इसकी मंजूरी दल के सदस्यों ने दे दी। इस समय मप्र में 21 सरकारी मेडिकल कॉलेज है, जिनमें से कुल चार का चयन इस सुविधा के लिए किया है, उसमें से रतलाम पहले नंबर पर है।

ये काम आती एमआरआई

मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की जांच: ट्यूमर, स्ट्रोक, मल्टीपल स्केलेरोसिस और नसों से जुड़ी समस्याओं को देखने के लिए।

मांसपेशियों और जोड़ों के लिए: घुटने, कंधे या अन्य जोड़ों के लिगामेंट, टेंडन और कार्टिलेज में आई चोट का पता लगाने के लिए।

अंदरूनी अंगों की स्कैनिंग: हृदय, लिवर, किडनी, फेफड़े, और गर्भाशय जैसे अंगों में किसी भी तरह की गांठ, संक्रमण या बीमारी की जांच के लिए।

कैंसर की पहचान: शरीर में शुरुआती चरण के कैंसर या ट्यूमर का पता लगाने के लिए।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधा लक्ष्य

लंबे समय से मेडिकल कॉलेज में एमआरआई सुविधा की जरुरत मरीजों के लिए थी। इसके लिए लगातार पत्राचार किया व दल ने आकर स्थल निरीक्षण कर लिया है। निरीक्षण के बाद इसकी मंजूरी दे दी गई है। अब जरुरी संसाधन शीघ्र मिल जाए, इसके लिए सभी प्रयासरत है।

-चेतन्य काश्यप, विधायक व मंत्री मप्र शासन