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रतलाम में अलनीनो सूखे की आशंका, करें ये उपाय

जिले में औसत वर्षा 9 इंच पर अटकी, कृषि विभाग ने किसानों को फसल बीमा की सलाह दी , जिले में अल्प वर्षा और सूखे की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
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El Niño threat in Ratlam news

जिले में औसत वर्षा 9 इंच पर अटकी, कृषि विभाग ने किसानों को फसल बीमा की सलाह दी

रतलाम. जिले में अलनीनो के कारण अल्पवर्षा का खतरा मंडराने लगा हैं, इस कारण जिले में अल्प वर्षा और सूखे की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

रतलाम की औसत वर्षा का आंकड़ा 9 इंच पर आकर थम गया है। मौसम विभाग ने 20 जुलाई के बाद पुन: बारिश की संभावना व्यक्त की है। बुधवार को दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं रात का पारा 25 डिग्री पर है।

रतलाम प्रभावित जिलों में शामिल
कृषि विभाग किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दे रहा है, क्योंकि भारत सरकार ने रतलाम जिले को अल नीनो से प्रभावित जिलों में घोषित किया है। इस कारण जिले में अल्प वर्षा और सूखे की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

अधिसूचित फसलों के समस्त रकबे का बीमा कराएं
उप संचालक कृषि भगवानसिंह अर्गल ने बताया कि फसलों को संभावित क्षति से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत 31 जुलाई तक खरीफ फसलों का बीमा किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समस्त अधिसूचित फसलों के समस्त रकबे का बीमा कराएं, ताकि सूखा, अल्प वर्षा या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने की स्थिति में बीमा दावा राशि का लाभ मिल सके।

इन दस्तावेज रहेंगे आवश्यक
उपसंचालक अर्गल ने बताया कि बीमा कराने के लिए आवेदन, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, भूमि संबंधी पावती, बुवाई प्रमाण-पत्र, मोबाइल नंबर और फार्मर पहचान पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं। खरीफ की अधिसूचित फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि सोयाबीन के लिए 1040 रुपए, मक्का के लिए 800 रुपए और कपास के लिए 3150 रुपए निर्धारित की गई है। किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी फसलों का शत प्रतिशत बीमा करें।

फसल बीमा योजना का महत्व
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायक है। यह योजना ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़ जैसी स्थितियों में फसलों को हुए नुकसान की भरपाई करती है, जिससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। विशेषकर अल नीनो जैसी स्थितियों में, जब अल्प वर्षा का खतरा होता है, यह योजना किसानों के लिए एक महत्त्वपूर्ण कवच का काम करती है। रतलाम की औसत वर्षा का आंकड़ा 9 इंच पर आकर थम गया है। मौसम विभाग ने 20 जुलाई के बाद पुन: बारिश की संभावना व्यक्त की है। बुधवार को दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं रात का पारा 25 डिग्री पर है।

रतलाम प्रभावित जिलों में शामिल
कृषि विभाग किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दे रहा है, क्योंकि भारत सरकार ने रतलाम जिले को अल नीनो से प्रभावित जिलों में घोषित किया है। इस कारण जिले में अल्प वर्षा और सूखे की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

अधिसूचित फसलों के समस्त रकबे का बीमा कराएं
उप संचालक कृषि भगवानसिंह अर्गल ने बताया कि फसलों को संभावित क्षति से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत 31 जुलाई तक खरीफ फसलों का बीमा किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समस्त अधिसूचित फसलों के समस्त रकबे का बीमा कराएं, ताकि सूखा, अल्प वर्षा या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने की स्थिति में बीमा दावा राशि का लाभ मिल सके।