वार्ड में रहवासियों के गुस्से के आगे हारा पार्षद, रूका खुदाई का काम
रतलाम। शहर में चल रहे सीवर लाइन के कार्य को लेकर थमा असंतोष बुधवार को फिर भड़क उठा। लक्ष्मणपुरा में सड़क की खुदाई के बाद नया निर्माण नहीं होने पर रहवासियों ने कार्य स्थल पर विरोध दर्ज कराया। पार्षद को बुलाकर सवाल खड़े किए तो कार्य रूकवा दिया गया। वहीं, दोपहर में शहर विधायक और महापौर ने सीवर लाइन कंपनी, निगरानी एजेंसी सहित निगम अफसरों और महापौर परिषद सदस्यों के साथ कार्य की गति पर मंथन किया। एक बार फिर सीवर लाइन कंपनी को कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
लक्ष्मणपुरा मेंं बुधवार सुबह सीवर लाइन के चैंबर बनाने के बाद निर्माण फर्म ने सड़क रिपयेर करने की शुरूआत की, लेकिन खोदी गई सड़क की तुलना में कुछ हिस्सा ही निर्मित किया जा रहा था। इसे देख रहवासी भड़क उठे और विरोध में सामने आ गए। रहवासियों का कहना था कि जब पूरी सड़क खोदी गई है तो फिर कुछ हिस्सा ही नया क्यों बनाया जा रहा है, शेष सड़क भी खराब कर दी है, इसे भी बनाया जाए। रहवासियों ने महापौर परिषद सदस्य और पार्षद ताराचंद पंचोनिया को मौके पर बुलाकर अपनी समस्या बताई। पार्षद ने चर्चा बाद निर्माण कंपनी को कार्य बंद करने के लिए कह दिया। इस दौरान लक्ष्मणपुरा मुख्य गली के रहवासियों और पार्षद के बीच तीखी बहस भी हुई।
लक्ष्मणपुरा में विरोध के बाद दोपहर में राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष तथा शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने सीवरेज लाइन के कार्य को लेकर आ रही परेशानी एवं व्यवस्थित रूप से कार्य कराने के लिए निगम अफसरों, कंपनी मैनेजर और निगरानी एजेंसी को तलब किया। काश्यप ने महापौर डॉ. सुनीता यार्दे एवं एमआईसी सदस्यों की उपस्थिति में सीवरेज लाइन प्रभारी नागेश वर्मा के साथ इंजीनियरों की टीम, एजेंसी वेबकोस, एजेंसी जय वरूड़ी कंस्ट्रक्शन के प्रमुख इंजीनियर को चल रहे कार्य को पूर्ण करने तथा सड़कों की मरम्मत का कार्य भी समय सीमा में करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि जिन वार्डों में सड़कों के कार्य बाकी हैं व जिनके टेंडर हो चुके हैं उनकी सूची बनाकर वार्डों में सड़कों का कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए।
एमआईसी सदस्यों के निशाने पर सीवर कार्य
विधायक और महापौर के साथ चर्चा के दौरान एमआईसी सदस्य प्रेम उपाध्याय, भगत भदौरिया, मनीषा शर्मा, रेखा जौहरी, मंगल लोढा, सूरज जाट व ताराचंद पंचोनिया ने सीवर के कार्य पर सवाल किए। सदस्यों ने कहा कि घरों के चैंबर या रिपेयरिंग के कार्य अपूर्ण है, उन्हें पहले पूर्ण किया जाए। क्षेत्र में संकेतक बोर्ड भी नहीं लगे हैं तथा प्रतिदिन की कार्य प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाना चाहिए। चर्चा के बाद तय किया गया कि आगे कार्य शुरू करने के लिए फिर से योजना बनाएंगे।