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रतलाम श्रावण मास के उपलक्ष्य में लखेरा समाज समिति महिला मंडल,ने 'सावन मिलन एवं हरियाली पिकनिक' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल की महिला सदस्यों ने एक अनूठी पहल करते हुए भव्य पौधरोपण कार्यक्रम किया। सावन का महीना हरियाली, वर्षा और प्रकृति के सौंदर्य का प्रतीक है। चारों ओर हरे-भरे पेड़-पौधे वातावरण को मनमोहक बना देते हैं। यही समय पौधरोपण के लिए भी सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि वर्षा के कारण मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है और लगाए गए पौधों को बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है।
प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ इस आयोजन में औषधीय और छायादार पौधे रोपे गए। महिला मंडल की अध्यक्षा संगीता परिहार ने बताया कि सावन का महीना प्रेम, भक्ति और प्रकृति के उल्लास का प्रतीक है। इस महीने को यादगार और सार्थक बनाने के लिए केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि धरती के प्रति अपने दायित्व को निभाते हुए पौधरोपण का संकल्प किया गया। इस दौरान कहा पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। वे हमें ऑक्सीजन देते हैं, वायु को शुद्ध करते हैं, गर्मी कम करते हैं और वर्षा चक्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़-पौधे अनेक पक्षियों और जीव-जंतुओं को आश्रय भी प्रदान करते हैं। आज बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में पौधरोपण केवल एक सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी बन गया है।
सभी की जिम्मेदारी
परिहार ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस पहल का उद्देश्य समाज में पर्यावरण जागरूकता फैलाना और अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करना है। समारोह के दौरान मंडल की महिला सदस्य पारंपरिक हरी साड़ियों और हरी चूड़ियों के साथ प्रकृति के रंग में रंगी नजर आईं, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। सदस्यों को बताया हमें सावन में केवल पौधे लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं समझनी चाहिए। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, पानी देना और उनकी सुरक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संभाले, तो हम अपने पर्यावरण को बहुत बेहतर बना सकते हैं।