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रतलाम में रोड एक्सीडेंट बन रहे जानलेवा, जनवरी से जुलाई तक 171 की मौत

जिले से गुजर रहे महू-नीमच हाईवे सहित इंटरनल मार्गों पर ब्लैक स्पॉट कम करने की लगातार कवायद भले पुलिस, लोनिवि और जिला प्रशासन कर रहा है, पुलिस के अनुसार तीन साल में 940 हादसे, 1052 घायल, कारण, तेज रफतार, सिर पर हेलमेट नहीं
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Rajgarh News

रतलाम में रोड एक्सीडेंट बन रहे जानलेवा

रतलाम. जिले से गुजर रहे महू-नीमच हाईवे सहित इंटरनल मार्गों पर ब्लैक स्पॉट कम करने की लगातार कवायद भले पुलिस, लोनिवि और जिला प्रशासन कर रहा है, लेकिन रोड एक्सीडेंट और इसके बाद होने वाली मौत और घायलों की संख्या में कमी जाने में जवाबदेह सफल नहीं हो पा रहे है। इसकी एक बड़ी वजह वाहन चलाने के दौरान हेलमेट का अभाव है।

लगातार दुर्घटना और युवाओं की होने वाली मौत के बाद अब जिले में सडक़ सुरक्षा को लेकर अलार्म बज गया है। पिछले तीन सालों के शुरुआती छह माह के आंकड़ों को ही देखें तो यह बात स्पष्ट हो जाती है। इस साल 1 जनवरी से 30 जून तक रतलाम जिले में 940 सडक़ दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 171 लोगों की मौत हुई और 1052 लोग घायल हुए।

गत 2 सालों के मुकाबले ज्यादा

पिछले दो सालों के मुकाबले सडक़ हादसे के मामले इस साल ज्यादा सामने आए हैं। यही नहीं घायलों और मृतकों के मामले में भी इस साल के आंकड़ों ने पिछले दो सालों के आंकड़ों को काफी पीछे छोड़ दिया है। यूं कहे कि इस साल हालात खराब है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। जिनकी इन दुर्घटनाओं में मौत हुई, उनमें से अधिकतर के वाहन तेज रफ्तार, बगैर हेलमेट के चालक रहे।

3 साल का तुलनात्मक विश्लेषण

वर्ष दुर्घटना मृतक घायल

2024 1349 - 238 - 1563

2025 1331 - 222 - 1535

2026 920 171 1052

कुल - 3600 - 631 - 4150

योग की शरण में आना होगा

युवाओं में तनाव, काम का दबाव, नशे की लत जैसे कई कारण वाहन की रफ्तार को अनावश्यक तेज करवाते है। बेहतर यह है, युवा योग की शरण में आए, परिवर्तन स्वत: नजर आएगा।

-डॉ लोकेंद्र सिंह कोट, योग प्रशिक्षक व चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज

वजह और चिंता

तेज रफ्तार, ओवरटेक, शराब पीकर वाहन चलाना, दोपहिया पर हेलमेट न लगाना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर डिवाइडर-कट का गलत इस्तेमाल हादसों की बड़ी वजह हैं। ग्रामीण अंचल में खराब सडक़ या सडक़ ही नहीं होना भी हादसे की वजह बनती रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आमने-सामने की टक्कर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

-आनंद स्वरूप सोनी, डीएसपी, यातायात पुलिस

मैदान को जीवन में शामिल करें

जीवन में मैदान में खेले जाने वाले खेल को शामिल करना जरुरी है। इससे बड़ा लाभ यह है, नियमित व्यायात होगा, तनाव से मुक्ति मिलेगी, नशे की प्रवृति नहीं होगी। जब यह सब होगा तो वाहन की रफ्तार स्वत: संतुलनकारी होगी, इससे दुर्घटना पर लगाम लगेगी।

-लोकपाल सिंह, क्रिकेट कोच

अधिक रक्तस्त्रावबड़ा कारण

किसी भी दुर्घटना में मौत होने के कई कारण होते है, लेकिन यह देखने में आया है, सबसे बड़ा कारण सिर में गंभीर चोंट व इसके बाद अधिक रक्त स्त्राव, समय पर उपचार तक नहीं पहुंच पाना है। ऐसे में यह जरुरी है दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट व चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट जरुरी हो।

-डॉ अभय ओहरी, वरिष्ठ चिकित्सक