देशभर में कोरोना काल में युवाओं ने समाजसेवा की एक नई मिसाल पेश की है। इसके कई उदाहरण सामने आए है। अब मध्यप्रदेश के रतलाम में युवाओं ने जो किया, उसके बाद आप भी बोलेंगे शाबास बच्चों।
रतलाम. देशभर में कोरोना काल में युवाओं ने समाजसेवा की एक नई मिसाल पेश की है। इसके कई उदाहरण सामने आए है। अब मध्यप्रदेश के रतलाम में युवाओं ने जो किया, उसके बाद आप भी बोलेंगे शाबास बच्चों। युवाओं के इस काम की पूरे शहर में प्रशंसा हो रही है।
वैसे तो शहर में अनेक सामाजिक संगठन है, लेकिन इन दिनों एक युवा संगठन के कार्य चर्चा का विषय बने हुए है। किसी को जिला अस्पताल पहुंचाना हो या अन्य कोई जरुरत, युवाओं का हाथ जररुतमंद के साथ नजर आ रहा है। सोमवार को युवाओं ने एक वृद्ध को टूटी वैशाखी के साथ देखा तो नई खरीदकर दिला दी।
शहर में युवाओं की टीम सेवा के उद्देश्य को लेकर हमेशा सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। चाहे कोई बीमार हो परेशान हो जानकारी मिकते ही जरूरतमंद के पास पहुंच जाते है। सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सिंह देवड़ा बताते हैं कि सांई राज गु्रप नाम से एक संगठन बनाया गया है। जिसका उद्देश्य सेवा संकल्प रहता है।
कोरोना कॉल में भी मदद
टीम ने कोरोना कॉल में भी मदद की थी। कुछ महीनों पहले नई पहचान के नाम से अभियान भी अन्य संस्था के माध्यम से चलाया जा रहा है। किसी भी प्रकार की सूचना मिलते ही पहुंच कर समाधान का प्रयास किया जाता है। बीमारी से पीडि़त को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही उनकी स्वस्थ होने तक मॉनिटरिंग की जाती है। इसके साथ ही राशन, सामग्री, रोजगार स्थापित के लिए सामग्री दिलवाने की सूचनाएं भी मिल रही है। जिस पर कार्य किया जा रहा है।
इस तरह की मदद
संगठन के युवाओं को शक्ति नगर के वृद्ध दिव्यांग की जानकारी मिली थी कि उनकी वैशाखी टूट चुकी हैं, जिससे चलने में परेशानी हो रही हैं। तुरंत युवाओं ने नई वैशाखी लाकर दी। इसके बाद वृद्ध काफी खुश हो गए। इस कार्य में रमेश मालवीय, मुकेश गायकवाड़, दिव्या श्रीवास्तव, काजल टांक अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।