
रतलाम. शिवगढ़ में शराब दुकान में घुसकर लूट की वारदात में पुलिस छह आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है। इनके साथ ही सातवें आरोपी के रूप में थाने के एक पुलिसकर्मी बिल्लरसिंह की मिलीभगत भी सामने आई है। पुलिस ने अपने ही थाने के आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर हिरासत में ले लिया है। आरोपियों ने दुकान को खोलकर वहां मौजूद मैनेजर और सेल्समैन से मारपीट कर मोबाइल फोन भी लूटा था। पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया।
यह थी घटना
दुकान के मैनेजर धर्मेन्द्र पिता मोतीलाल जाट (33) निवासी ग्राम पंथ पिपलाई इन्दौररोड़ उज्जैन ने पुलिस को बताया था कि 23 अक्टूबर की रात करीब सवा नौ से साढ़े नौ बजे के बीच आरोपी पीयूष, नानू, कार्तिक अपने अन्य साथियों के साथ बस स्टैंड स्थित देशी-अंग्रेजी शराब की दुकान का दरवाजा खोलकर अंदर घुसे और सेल्समैन सुशील तिवारी व उनके साथ गेती के हत्थे, सीमेंट के ब्लॉक (पत्थर), शराब बोतल व हाथ मुक्कों से मारपीट कर दुकान में तोडफ़ोड़ की। जाते समय मोबाइल लूट कर ले गए।
आरोपियों के साथ मिला हुआ था आरक्षक
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने शराब दुकान शिवगढ़ में वारदात को अंजाम दिया। इसकी प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए उससे पुलिस अफसर भी चौंक गए। इन आरोपियों के साथ थाने में पदस्थ आरक्षक बिल्लरसिंह की संलिप्तता पाई गई। शुरुआत में गिरफ्तार चार आरोपियों ने पूछताछ में आरक्षक बिल्लरसिंह की संलिप्तता बताई। पुलिस अफसर चौंक गए। बिल्लरसिंह से पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तो संंल्पिता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है।
ये हुए गिरफ्तार
टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर जय पिता शरद खरं (24) निवासी मदिनामजिस्द के सामने गली हाट रोड, नानू उर्फ अनिल पिता सोहन देवदा निवासी राजेन्द्र नगर, कार्तिक उर्फ ओम प्रकाश पिता जगदीश मौर्य (32) निवासी दीनदयाल नगर, पीयूष उर्फ पुष्पेन्द्र पिता अंबालाल रोजे (25) निवासी सुभाषनगर, बल्लू उर्फ प्रताप पिता सोहन सिंह (21) निवासी बजरंग नगर और हर्ष उर्फ हर्षवर्धन (24) निवासी रतलाम से पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किया। इन से घटना में प्रयुक्त तीन स्कूटर बरामद कर लिए गए हैं।
अपह्त नाबालिग 24 घंटे में दस्तयाब
माणकचौक पुलिस ने अपहृत नाबालिक को 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया है। उसे पीडि़त परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। पीडि़त ने थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उनके नाबालिक भतीजे को अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर तुरंत उसकी खोजबीन शुरू की और सफलता मिल गई। मायूस हुए परिजन अपने बच्चे को वापस पाकर खुश हो गए।