रतलाम

प्रायवेट सर्विस करेगी यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे को जीआरपी और आरपीएफ पर भरोसा नहीं?

यात्रियों की सुरक्षा तीन माह तकनिजी हाथ में, रेलवे ने दिया जीएम व डीआरएम को विशेष अधिकार
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Apr 17, 2018
patrika

रतलाम। रेलवे ने गर्मी के तीन माह में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए इनकी सुरक्षा का जिम्मा निजी हाथ में सौंपने की अनुमति व इस पर निर्णय लेने का अधिकार महाप्रबंधक व मंडल रेल प्रबंधक को सौपा है। इस मामले में आदेश जारी हो गए है।
मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार रेलवे बोर्ड के निदेशक जितेंद्रसिंह के द्वारा जारी आदेश मिल गए है। अब तक यात्रियों की सुरक्षा प्लेटफॉर्म व ट्रेन में बारी-बारी से जीआरपी व आरपीएफ करती रही है। हालाकि इन दो संगठन की सुरक्षा के बाद भी ट्रेनों में विभिन्न तरह के अपराध रुके नहीं है। एेसे में अब रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा निजी हाथ में देने का निर्णय ले लिया है।

इसलिए हुआ ये निर्णय
असल में मंडल की बात करें तो यहां पर स्टेशन पर ही अपराध आए दिन होते रहते है। कभी मोबाइल गुम हो जाता है तो कभी महिला के पर्स की चोरी होती है। इसके अलावा यात्री ट्रेनों में चोरी अब तक बंद नहीं हो पाई है। ये ही स्थिति पश्चिम रेलवे व देश की यात्री ट्रेन व प्लेटफॉर्म पर है। एेसे में यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा निजी हाथ में देने के लिए जरुरत होने पर अधिकार मंडल रेल प्रबंधक व महाप्रबंधक को दिए गए है। इससे रेलवे का मानना है कि यात्रियों की सुरक्षा बेहतर हो सकेगी।

इनको दे सकेंगे जवाबदेही
रेलवे ने होमगार्ड जवान, एसएफ जवान सहित निजी सुरक्षा गार्ड से सुरक्षा कराने का अधिकार महाप्रबंधक व मंडल रेल प्रबंधक को दिया है। होमगार्ड के जवान जिले में अनेक बार कानून व्यवस्था के मोर्चे पर रहते है। मंडल में वर्ष २०१६ में हुए सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा होमगार्ड ने ही बेहतर तरीके से संभाला था। इसके अलावा होमार्ड की बटालियन भी जिले के जावरा में है।

अंतिम निर्णय वरिष्ठ अधिकारी लेंगे
इस मामले में वरिष्ठ कार्यालय से आदेश मिले है। अंतिम निर्णय मंडल के वरिष्ठ अधिकारी जरुरत होने अनुसार लेंगे। फिलहाल आरपीएफ व जीआरपी सुरक्षा का जिम्मा देखते हैं।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Updated on:
17 Apr 2018 04:53 pm
Published on:
17 Apr 2018 04:53 pm