एयरपोर्ट की तर्ज पर बन रहा रेलवे स्टेशन
रतलाम . पश्चिम रेलवे के दो स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां पर टिकट नहीं तो प्लेटफॉर्म पर इंट्री भी यात्री नहीं कर पाएंगे। आने वाले दिनों में हवाई अड्डे की तरह स्टेशन पर प्रवेश व निकासी होगी। बगैर वैध टिकट के न तो प्रवेश होगा न निकासी। इसके अलावा स्टेशन के बाहर के क्षेत्र में पटरी के दोनों तरफ ऊंची दीवार बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य अन्य रास्तों से प्लेटफॉर्म पर कोई प्रवेश नहीं कर पाए है।
इसका उद्देश्य अन्य रास्तों से प्लेटफॉर्म पर कोई प्रवेश नहीं कर पाए है। पश्चिम रेलवे के इन दो स्टेशन में रतलाम व गांधीनगर को शामिल किया गया है। रेल अधिकारियो का कहना है कि स्टेशन और ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुरक्षा करना मुख्य लक्ष्य है। एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा के लिए आरपीएफ कमांडो को भी सीआईएसएफ कमांडो की तरह ट्रेनिंग दी जा रही है। यह कमांडो स्टेशन के प्रत्येक प्रवेश व निकास द्वारों पर तैनात रहेंगे।
सीआईएसएफ कमांडो
पश्चिम रेलवे के इन दो स्टेशन में रतलाम व गांधीनगर को शामिल किया गया है। रेल अधिकारियो का कहना है कि स्टेशन और ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुरक्षा करना मुख्य लक्ष्य है। एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा के लिए आरपीएफ कमांडो को भी सीआईएसएफ कमांडो की तरह ट्रेनिंग दी जा रही है। यह कमांडो स्टेशन के प्रत्येक प्रवेश व निकास द्वारों पर तैनात रहेंगे।
मंडल में जारी किए 22 करोड़ के काम
इस मकसद के लिए मंडल में 22 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। एक नया एक्सेस कंट्रोल सिस्टम रेलवे स्टेशन पर लगाया जाएगा, जिससे केवल टिकट धारकों को ही परिसर के अंदर प्रवेश मिल पाएगा। इसके अलावा ३० किलोमीटर की लंबाई वाली ऊंची दीवार भी पटरियों के दोनों तरफ बनेगी, जिससे कोई भी व्यक्ति बाहर से भी न आ सके। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के आयुक्त कुमार निशांत ने कहा कि उनके लिए सुरक्षा प्राथमिकता है।
एक वर्ष में कार्य पूरा
&एक वर्ष में ये कार्य पूरा हो जाएगा। स्टेशन के चारों तरफ दीवार बनने की शुरुआत आगामी माह से होगी, जबकि स्टेशन का विकास का कार्य पहले चरण में चल रहा है। शेष दूसरे चरण का कार्य पहला चरण पूरा होने के बाद शुरू होगा। हमारा प्रयास है कि जल्दी से जल्दी कार्य पूरा हो।
- आरएन सुनकर, डीआरएम