जब एक ट्रैक पर आए दो इंजन, जाने क्या हुआ फिर आगे
रतलाम। एक ही रेलवे ट्रैक पर जब दो इंजन आ जाए तो क्या होगा। बड़ी दुर्घटना की आप अगर सोच रे है तो गलत है। फिर आपका सोच होगा छोटी दुर्घटना, तो ये भी गलत है। असल में रेलवे स्टेशन पर रेलवे यार्ड रिमोडलिंग का कार्य कर रही है। इसके चलते बिजली व डीजल इंजन से पटरी का परीक्षण किया गया। इसके लिए एक ही ट्रैक पर दो अलग-अलग इंजन चलाए गए।
रेलवे ने प्लेटफॉर्म नंबर दो व तीन को नागदा एंड से जोडऩे का कार्य पूरा कर लिया है। बुधवार को पूरे किए गए कार्य पर बिजली व डीजल से चलने वाले इंजन को अलग-अलग चलाकर प्रयोग किया गया। इन इंजन को शुरुआत में 70 व बाद में 100 की गति से चलाया गया। इस दौरान मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यार्ड रिमोडलिंग कार्य
रेलवे लंबे समय से नागदा एंड को इंदौर वाली लाइन से जोडऩे के लिए यार्ड रिमोडलिंग के कार्य पर ध्यान दे रहा था। मंडल रेल प्रबंधक आएन सुनकर इस पर विशेष ध्यान दे रहे थे। इसके लिए लगातार उन्होंने बैठक व निर्देश दिए थे। इस कार्य के होने से बड़ा लाभ ये है कि अनेक यात्री ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 के बजाए प्लेटफॉर्म नंबर 2-3 पर लिया जा सकेगा। इसके अलावा 5-6 नंबर के प्लेटफॉर्म पर पूर्व से ट्रेन के रहने पर जो आउटर पर ट्रेन को रोका जाता है, वो बंद हो जाएगा।
तीन घंटे तक हुआ प्रयोग
रेलवे के विभिन्न विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोपहर 12 बजे बाद से तीन घंटे तक डीजल व बिजली से चलने वाले इंजन के द्वारा स्पीड ट्रायल व ट्रैक का प्रयोग किया। फिलहाल यहां पर रेलवे ने जो प्रयोग किया है, इसके बाद अब मालगाड़ी को चलाएगी। इसके बाद पश्चिम रेलवे के सुरक्षा आयुक्त की अनुमती के बाद यात्री ट्रेन की शुरुआत हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इससे बड़ा लाभ ये होगा कि इंदौर व दिल्ली से चलने वाली अनेक ट्रेनों को इस रेलवे ट्रैक पर लिया जा सकेगा।
जल्द चलाएंगे यात्री ट्रेन
इंजन चलाकर प्रयोग किए गए है। जल्द ही इस ट्रैक पर यात्री ट्रेन चलाने की शुरुआत होगी। इससे यात्रियों को बड़ा लाभ होगा।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल