
रतलाम. Railways changed rules - रेलवे बोर्ड ने इंजन चलाने वाले सभी चालक व सहायक चालक के लिए ड्यूटी के नए नियम लागू कर दिए है। नए नियम के अनुसार अब तक सप्ताह में दो बार रात में ट्रेन चलाने वाले चालक व सहायक चालक को चार रात तक नाइट ड्यूटी करना होगी। बोर्ड के इस आदेश से मंडल के रेल चालक में आक्रोश है व रेल संगठन इसके खिलाफ अभियान चलाने की योजना बना रहे है।
पहले समझे क्या है रेलवे के नियम - रेलवे ने चालक व सहायक चालक के लिए नियम बनाए है कि 16 घंटे की ड्यूटी के बाद कम से कम 30 घंटे का रेस्ट दिया जाता है। इसके चलते ही अब तक चालक व सहायक चालक से दो रात तक ट्रेन चलाने का नियम था। रेलवे का मानना था कि इससे इनको पर्याप्त आराम मिलेगा तो दुर्घटना नहीं होगी व चालक बेहतर तरीके से अपने कार्य को अंजाम दे पाएंगे।
कर्मचारियों में आक्रोश
बोर्ड के इस आदेश के बाद से रेलवे के रनिंग कर्मचारियों में आक्रोश है। इनका कहना है कि पहले से ही कर्मचारियों की कमी के चलते कार्य का दबाव है। इससे न चाहते हुए भी कई बार अवकाश को निरस्त करके कार्य पर बुलाया जाता है। अब चार रात तक नाइट ड्यूटी करवाकर रेलवे दुर्घटना को बढ़ावा देने जैसा कार्य कर रही है। मंडल में रेल संगठन इस आदेश के खिलाफ हो गए है।
ये होगी ड्यूटी की गिनती
रेलवे के नए नियम अनुसार हाई पॉवर कमेटी ने दो रात के नियम को बदलकर चार रात का कर दिया है। ये तब किया गया है जब पहले सातवे पे कमीशन को लागू कर दिया गया। इस आदेश को रेलवे बोर्ड के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर निदेशक किशोर कुमार ने १३ अगस्त को जारी किया है। इस आदेश में इस बात का उल्लेख है कि अब रनिंग कर्मचारियों को दो के बजाए चार रात की ड्यूटी करना होगी। रनिंग कर्मचारियों में गार्ड भी शामिल है। इसमे बड़ी बात ये है कि हैड क्वार्टर से अगर कही और ड्यूटी करने गए, उदहरण के लिए रतलाम के चालक या गार्ड को उज्जैन से बड़ोदरा ट्रेन लेकर जाने को कहा गया तो वो भी चार रात में शामिल किया जाएगा।
हमारा विरोध है
इस मामले में रतलाम से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हमारा विरोध रहेगा। विभिन्न बैठक में इस मामले को उठाया जाएगा व विरोध दर्ज करेंगे।
- एसबी श्रीवास्तव, मंडल मंत्री, वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन
उठा रहे है ये मामला
इसी माह उज्जैन में हमारी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक है। उसमे इस मामले को उठाया जाएगा व विरोध किया जाएगा। इसके अलावा देशभर में संगठन आंदोलन करके इस निर्णय को वापस करवाएगा।
- बीके गर्ग, मंडल मंत्री, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ