
रतलाम. कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को छात्रावास के छात्रों ने छात्रावास में अव्यवस्थाओं का विरोध करते हुए कलेक्टोरेट में धरना दे दिया। ग्रामीणों, संत-महात्माओं, किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पूरा दिन मौन विरोध, नारेबाजी और ज्ञापन सौंपने, आश्वासन के नाम रहा।
दोपहर में छात्रों ने छात्रावासों में अव्यवस्था को लेकर अपना रोष जताया, उन्हे समस्या के समाधान का आश्वासन देकर सरकारी वाहन में छात्रावास छुड़वाया। आदिवासी अंचल की बदहाली को लेकर ग्रामीण व किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर मौन विरोध किया।
कलेक्टोरेट में धरने पर बैठे छात्रावास के छात्र
आनंद कालोनी स्थित छात्रावास के कई छात्र को मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते कलेक्टर से शिकायत करने पहुंच गए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को छात्रों ने बताया कि 100 बच्चों के लिए 50 की ही व्यवस्था है। पलंग, वाशरूम की कमी है, गद्दे घर से लेकर आते हैं। छत से पानी टपकता है और पर्याप्त शिक्षक भी नहीं हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया। छात्रों को सरकारी वाहन से छात्रावास छुड़वाकर परेशानी भी अधिकारियों ने देखी।
बिजली, पानी, सडक़, शिक्षा और स्वास्थ्य समस्या
जिले के आम्बा, उमेदपुरा, गुडरखेड़ा, नान्दलेटा सहित आसपास के अनेक आदिवासी अंचल मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने गुरुवार दोपहर कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपकर बिजली, पानी, सडक़, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की। उन्होंने खराब सडक़ों, जर्जर स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर व सुविधाओं के अभाव पर भी चिंता जताई। कलेक्टर कार्यायल से जिन्हे आठ दिन में समस्या हल करने का आश्वासन मिला।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
इंटरनेशनल कबीर पंथ महासंघ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन देकर तेलंगाना के मेडक जिला में संचालित बीफ कंपनी 'अल कबीर लिमिटेड' से 'कबीर' शब्द अविलंब हटाने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष चूड़ामणि के नेतृत्व में उन्होंने छात्रों की पाठ्यपुस्तकों में 'कबीर दास' की जगह 'सदगुरु कबीर साहेब' लिखने और कबीर प्रकट दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश की भी मांग की। तहसीलदार कुलभूषण शर्मा को ज्ञापन सौंपकर निराकरण की मांग की।
अतिक्रमण हटाने का नोटिस
रत्तागढ़ खेड़ा में चल रहे गोशाला विवाद के बाद नायब तहसीलदार की ओर से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तत्काल हटाने के संंबंध में नोटिस गुलाब गोकरण के नाम से जारी किया गया हैं। इसके बाद गुरुवार दोपहर गुलाब गोकरण सहित अन्य संत और ग्रामीणों के साथ कलेक्टोरेट में नारेबाजी करते हुए पहुंचे, और अपनी ओर से आवेदन प्रस्तुत किया।