
Ratlam News : प्रशासन की तमाम सख्तियों और चापामार टीमों की लगातार कार्रवाईयों के बावजूद मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी - अधिकारी रिश्वतखोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। हालात ये हैं कि, यहां हर रोज किसी न किसी विभाग में एक न एक घूसखोर पकड़ा रहा है। ऐसा ही एक मामला रतलाम जिले से सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो -द्वितीय की टीम ने कार्रवाई करते हुए औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन टीम के सत्यापन में ये भी सामने आया कि, आरोपी हेड कान्स्टेबल पहले भी फरियादी से 10 हजार रिश्वत वसूल चुका है।
आपको बता दें कि, आरोपी हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई ये रिश्वत राजस्थान के भीलवाड़ा में शराफत शेख पिता शफी मोहम्मद निवासी शास्त्रीनगर से उसके भाई लियाकत निवासी सात भाइयों की गली, जूनावास के साथ मारपीट न करने और उसे कानूनी मदद दिलाने के बदले में मांगी थी। लियाकत के खिलाफ रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है।
बताया जा रहा है कि, रतलाम से एएसआई तपेश गोसाई समेत चार सदस्यीय पुलिस टीम रविवार को लियाकत को जांच के लिए भीलवाड़ा लाई थीं। टीम सर्किट हाउस के पास होटल में ठहरी थी। बताया जा रहा है कि, ट्रेप कार्रवाई सोमवार को की गई है। आरोपी हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई ने परिवादी को धमकाया कि, वो उसके 70 वर्षीय बुजुर्ग भाई को हथकड़ी लगाकर पूरे भीलवाड़ा में घुमाएगा, जिससे पूरे इलाके में उसकी बदनामी होगी। इसके अलावा, उसने रिश्तेदारों को साइबर क्राइम के मामलों में फंसाने और जेल में मारपीट करने की भी धमकी दी थी।
मूल रूप से दांथल और हाल रतलाम के 80 फीट रोड पर बायोडीजल व्यवसायी रतन जांगिड़ ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में जूनावास निवासी मोहम्मद लियाकत पिता शफी मोहम्मद शेख के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा गया कि, जनवरी 2025 में मोहम्मद लियाकत से मुलाकात हुई। खुद को प्रॉपर्टी ब्रोकर बताते हुए रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद पड़ी ऑयल मिल और उसकी जमीन का सौदा 11 करोड़ 10 लाख रुपए में हुआ। लियाकत ने अलग-अलग माध्यमों से 25 लाख 76 हजार रुपए वसूले। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने आरोपी मोहम्मद लियाकत शेख के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच के लिए रविवार को भीलवाड़ा लेकर आए।
1.10 लाख की डिमांड थी
फरियादी पक्ष के अनुसार, हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई ने उनसे 1.10 लाख रुपए मांगे थे। सोमवार को जब आरोपी शेष राशि में से 50,000 रुपए ले रहा था, तब एसीबी के उप अधीक्षक नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ा गया। साथ ही, टीम ने रिश्वत की राशि भी आरोपी से बरामद कर ली है।