रतलाम

#Ratlam 33 जिलों में दूसरे नंबर तप रहा

रतलाम. प्रदेश के 33 जिलों में रतलाम का तापमान लगातार वृद्धि पर हैं। नर्मदापूरम में 40.2 डिग्री वहीं दूसरे नंबर पर रतलाम का तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप के दौरान दिन में सडक़े सुनी होने लगी हैं तो राहगीर भी अब इक्का-दुक्का नजर आने लगे हैं। रात में धार का तापमान […]

2 min read
Mar 12, 2026
चिलचिलाती धूप के दौरान दिन में सडक़े सुनी होने लगी हैं तो राहगीर भी अब इक्का-दुक्का नजर आने लगे हैं।
रतलाम. प्रदेश के 33 जिलों में रतलाम का तापमान लगातार वृद्धि पर हैं। नर्मदापूरम में 40.2 डिग्री वहीं दूसरे नंबर पर रतलाम का तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप के दौरान दिन में सडक़े सुनी होने लगी हैं तो राहगीर भी अब इक्का-दुक्का नजर आने लगे हैं। रात में धार का तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

बुधवार को रतलाम में गर्म हवा की लपटों ने परेशान किया, मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता हैं। 48 घंटों में कोई विशेष परिवर्तन न होते हुए इसके बाद 2-4 डिग्री अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती हैं।

गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों में सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग ने जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य के विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बिरियाखेड़ी ट्रेनिंग सेंटर पर रखा गया। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता तथा आशा सहयोगिनी ने प्रशिक्षार्थी के रूप में भाग लिया। शासकीय मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर (पीएसएम विभाग) डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे ने जलवायु परिवर्तन के कारण मानव स्वास्थ्य पर पडऩे वाले विपरीत प्रभावों तथा इससे होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराए सुविधाएं
सीएमएचओ ने कहा कि ग्रामवासियों को आरोग्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस कॉर्नर बनाए जाकर घोल बनाने की विधि बताई जाए एवं गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए ओआरएस की उपलब्धता की जाए। ग्राम स्तर पर भी 16 प्रकार की दवाइयां एवं 5 प्रकार की जांच अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। आईडीएसपी के महामारी नियंत्रक डॉ. गौरव बोरीवाल व मौसमी बीमारियों के अंतर्गत जिला सलाहकार डॉ. प्रमोद प्रजापति ने मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के संबंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
दिनांक अधि.2026
12 मार्च 39.5
11 मार्च 40.0
10 मार्च 38.8
9 मार्च 39.2
8 मार्च 39.0
7 मार्च 38.6
6 मार्च 36.0
5 मार्च 36.2
4 मार्च 36.0
3 मार्च 35.0
2 मार्च 34.2
1 मार्च 32.6
Updated on:
12 Mar 2026 10:15 pm
Published on:
12 Mar 2026 10:12 pm
Also Read
View All

अगली खबर