
रतलाम। दीपावली पर आतिशबाजी की खरीदी के लिए बाजारों में भीड़उमड़ रही है, लेकिन इसी भीड़भाड़ के बीच बिना लाइसेंस पटाखों का कारोबार भी संचालित हो रहा है। शहर के बीचोंबीच माणक चौक क्षेत्र में शनिवार दोपहर पुलिस ने पोखरणा ब्रदर्स की दुकान पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में पटाखे जब्त किए। प्रारंभिक जांच में दुकान संचालक के पास पटाखों के भंडारण और बिक्री का वैध लाइसेंस नहीं मिला। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही बिलपांक थाना क्षेत्र के छतरी गांव में भी पुलिस ने रहवासी मकान से पटाखों का बड़ा जखीरा बरामद किया था। लगातार दो दिनों में सामने आई इन कार्रवाइयों ने त्योहारी सीजन में पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री के खतरे को उजागर कर दिया है।
माणक चौक शहर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है। दीपावली की खरीदी के चलते इन दिनों यहां सुबह से रात तक लोगों की आवाजाही बनी हुई है। इसी क्षेत्र में पोखरणा ब्रदर्स की दुकान पर बिना वैध लाइसेंस पटाखों का भंडारण और विक्रय किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के आधार पर शनिवार दोपहर माणक चौक थाना पुलिस की टीम दुकान पर पहुंची। पुलिस ने दुकान की जांच की तो वहां विभिन्न प्रकार के पटाखों का बड़ा भंडार मिला। टीम ने मौके पर पटाखों की गिनती और नियमानुसार पंचनामा तैयार करने की कार्रवाई की। इसके बाद पूरी सामग्री जब्त कर ली गई। प्रारंभिक जांच में दुकान संचालक पटाखों के कारोबार से संबंधित वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस अब जब्त सामग्री की कीमत का आकलन कर रही है। मामले में विस्फोटक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पटाखों के अवैध भंडारण का दूसरा मामला शुक्रवार रात बिलपांक थाना क्षेत्र की बिरमावल चौकी के गांव छतरी में सामने आया था। यहां पुलिस ने किराना दुकान से लगे दो कमरों में संग्रहित पटाखों का जखीरा जब्त किया। जब्त सामग्री इतनी अधिक थी कि उसे ले जाने के लिए मंगाई गई पिकअप पूरी भर गई। एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि छतरी गांव में ईश्वर कुमावत नामक व्यापारी ने अपनी दुकान से लगे दो कमरों में बड़ी मात्रा में पटाखे जमा कर रखे हैं। सूचना पर बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान, बिरमावल चौकी प्रभारी अल्केश सिंह सहित पुलिस टीम ने दबिश दी। तलाशी के दौरान दोनों कमरों में पटाखों से भरे 20 बड़े कार्टून मिले। पुलिस ने सभी कार्टून जब्त कर पिकअप में रखवाए। मात्रा इतनी अधिक थी कि पूरी पिकअप भर गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में ईश्वर कुमावत ने स्वीकार किया कि उसके पास पटाखों के भंडारण और बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं है। उसने पुलिस को बताया कि लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली थी। इसके बावजूद उसने पहले ही पटाखे खरीदकर अवैध रूप से संग्रहित कर लिए थे। कुमावत ने जब्त पटाखों की प्रारंभिक कीमत ढाई से तीन लाख रुपए बताई, जबकि उनका बाजार मूल्य करीब 10 लाख रुपए आंका गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
छतरी गांव में पटाखों का भंडार रहवासी मकान के दो कमरों में रखा हुआ था। आबादी के बीच इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का संग्रहण गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। किसी दुर्घटना या आगजनी की स्थिति में आसपास के मकानों और लोगों की जान-माल को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।