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लाखों की मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक पर पीने का पानी तक नहीं

करमदी रोड संजीवनी क्लीनिक से नर्सिंग स्टाफ गया तो व्यवस्था ठप, मरीजों को न इलाज मिल रहा, न दवाइयां, आउटसोर्सकर्मी के भरोसे, पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 30 Oct 2026, 9:59 PM IST

Sanjeevani Clinics news ratlam CMHO

करमदी रोड संजीवनी क्लीनिक से नर्सिंग स्टाफ गया तो व्यवस्था ठप, मरीजों को न इलाज मिल रहा, न दवाइयां, आउटसोर्सकर्मी के भरोसे, पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं

रतलाम। स्वास्थ्य विभाग के भी दिन लदते नजर आ रहे हैं। लाखों रुपए की मरीजों के उपचार के लिए शहरी क्षेत्रों में संजीवनी क्लीनिक की बिल्डिंग बनाकर तैयार कर दी, लेकिन उसमें पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर भेजने के आदेश के बाद करमदी रोड स्थित संजीवनी क्लीनिक की व्यवस्था फिर बिगड़ गई है।

संजीवनी क्लीनिक में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर के स्थानांतरण के बाद क्लीनिक आउटसोर्स कर्मचारी के भरोसे रह गया है। रोजाना आने वाले 10 से 15 मरीजों को न समुचित उपचार मिल रहा है और न दवाइयां। परेशान मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
गत दिवस दरअसल आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, भोपाल के आदेश पर सीएमएचओ डॉ. किरण वाडिवा ने 34 स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने के निर्देश दिए थे. लेकिन जिन स्थानों पर नर्सिंग ऑफिसर नहीं है उन स्थानों पर व्यवस्था करना चाहिए थी, वह अब तक नहीं हुई। इसके बाद क्लीनिक पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए क्लीनिक में कर्मचारी की कमी के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीजों तो रामगढ़ स्थित संजीवनी क्लीनिक पर पहुंचकर अपना उपचार करा रहे हैं।

पीने का पानी तक नहीं, भवन में दीवारों से टपकता
क्लीनिक में कर्मचारियों की कमी के साथ बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। छत पर रखी पानी की टंकी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भवन में जगह-जगह पानी टपकता है। दीवारों से कमरों में पानी आता है। मरीजों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। कर्मचारी भी घर से बोतल भरकर लाते हैं। ऐसे में सवाल है कि मरीजों के उपचार के लिए बनाए गए क्लीनिक में स्वास्थ्य सेवाएं और मूलभूत सुविधाएं कब दुरुस्त होंगी। इसलिए शौचालय का उपयोग भी नहीं होता।

इनका कहना है
वरिष्ठालय से आदेश थे जो जहां पदस्थ है वह वहीं जाएगा, कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना पहुंचाए हैं। अब जिन स्थानों पर स्टॉफ नहीं है वहां कि व्यवस्था कर रहे हैं।
डॉ. किरण वाडिवा, सीएमएचओ