रतलाम। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मालवा क्षेत्र में पहली बार 40 साल की महिला के पेट से तिल्ली की गठान का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। मरीज महिला लंबे समय से पेट दर्द की समस्या से पीडि़त थी। परिजनों के अनुसार लगातार तकलीफ बढ़ती जा रही थी। अब ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बेहतर है। मेडिकल […]
रतलाम। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मालवा क्षेत्र में पहली बार 40 साल की महिला के पेट से तिल्ली की गठान का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। मरीज महिला लंबे समय से पेट दर्द की समस्या से पीडि़त थी। परिजनों के अनुसार लगातार तकलीफ बढ़ती जा रही थी। अब ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बेहतर है।
मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार महिला मरीज गंगा बाई पति दिनेश (40) निवासी उणी जावरा को पेट में सूजन की समस्या थी। हर दिन उसकी समस्या बढ़ती जा रही थी। खाने-पीने में भी समस्या होने लगी तो महिला की हालत गिरने लगी थी। महिला के परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पिछले दिनों आए। डॉक्टरों ने प्रारंभिक परीक्षण के बाद भर्ती कर लिया। जांचे कराई पेट में तिल्ली की गठान का पता चला।
इसके लिए अत्यंत जटिल ऑपरेशन की जरुरत थी। डॉक्टरों की टीम ने इसे करने के लिए सलाह-मशवीरा किया। सर्जरी और एनेस्थेसिया विभाग के डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन करने की तैयारी की। परिजनों को विश्वास में लिया और ऑपरेशन कर दिया। यह पूरी तरह सफल रहा। गठान के रूप में निकले तिल्ली के भाग हिस्टोपैथोलॉजी की जांच के लिए भेजा गया है। अभी रिपोर्ट आनी शेष है।
महिला मरीज के पेट से गठान निकालने के लिए पहले दूरबीन से ऑपरेशन किया और इसके बाद चीरा लगाकर गठान को बाहर निकाला। गठान का वजन करीब ढाई किलो के आसपास पाया गया है। इसकी साइज 25 गुणा 20 सेंटीमीटर पाई गई है।
असोसिएट प्रोफेसर (सर्जरी) डॉ. प्रवीण सिंह बघेल, डॉ. देवेंद्र चौहान एवं डॉ. शैलेंद्र नर्गेश के साथ ही वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. योगेश, डॉ. शिवम, डॉ. पिंकी, डॉ. करिश्मा, डॉ. प्रशांत, एनेस्थेटिस्ट टीम में डॉ. शैलेंद्र डावर, डॉ. रंजीता, डॉ. वजाहत शामिल रहे।
महिला मरीज के पेट से तिल्ली की गठान निकालने में सभी के सहयोग से सफलता मिली है। डीन और अस्पताल अधीक्षक ने भी इस कार्य के लिए पूरा उत्साहवर्धन किया।
डॉ. प्रवीण सिंह बघेल, सर्जन, रतलाम मेडिकल कॉलेज