अगले माह से पीआइसीयू और एनआइसीयू शुरू होने की संभावना बनी, साथ ही क्रिटीकल हेल्थ केयर ब्लाक भी अब जल्द ही लोगों के लिए शुरू होने जा रहा है।
रतलाम. मेडिकल कॉलेज से अच्छी खबर आ रही है। यहां बनकर तैयार एसएनसीयू और पीआइसीयू के साथ ही क्रिटीकल हेल्थ केयर ब्लाक भी अब जल्द ही लोगों के लिए शुरू होने जा रहा है। इनका निर्माण एनएचएम की मद से हुआ है और अब यह मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार हो गए हैं। एनएचएम की डायरेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना के दौरे के पहले तक इसे लेकर कोई ज्यादा गंभीर नहीं था। निर्माण एजेंसी भी सुस्त चाल से चल रही थी। यहां के लिए फायर एनओसी का मामला अटका हुआ था। एनएचएम डायरेक्टर के दौरे के बाद तुरत-फुरत तैयारियां हो गई है।
एनएचएम की डायरेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना के रतलाम दौरे के बाद तेजी से घटनाक्रम बदला और दोनों ही यूनिटें मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर हो गई है। इसके बाद बच्चों के लिए एमएनसीयू-पीआइसीयू और क्रिटीकल केयर हेल्थ ब्लॉक के हैंडओवर होने के बाद इन्हें चालू करने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। पीआइसीयू ने एसएनसीयू-पीआइसीयू के लिए अपनी तरफ से पत्र दे दिया है और इसके बाद यहां की साफ-सफाई का काम तेज हो गया है। संभवत: इस माह के अंत या अगले माह के पहले सप्ताह में इन दोनों ही यूनिटों को चालू करके मरीजों को उपचार देना शुरू कर दिया जाएगा। इनके चालू होने से नवजात शिशुओं और हादसों में गंभीर रूप से घायल होकर आने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज में और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी।
सीसीयू को अब सीसीएचबी यानी क्रिटीकल केयर हेल्थ ब्लॉक नाम दिया गया है। सू्त्रों के अनुसार दोनों ही यूनिटें तैयार हुए लंबा समय बीत चुका है किंतु प्रशासकीय प्रक्रिया की वजह से दिक्कत आ रही थी। एसएनसीयू-पीआइसीयू के लिए सारे उपकरण आ चुके हैं जबकि सीसीएचबी के लिए कॉलेजस्तर से उपकरण खरीदे जा चुके हैं। एनएचएम से उपकरण आना हैं।
मेडिकल कॉलेज में दोनों ही यूनिटों के निर्माण में करीब 18 करोड़ रुपए का खर्च आया है। दो साल से ज्यादा समय से इनका निर्माण चल रहा था और सालभर से ये तैयार हैं। बीच-बीच में निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आने पर इनका हैंडओवर आगे बढ़ता गया। एनएचएम डायरेक्टर के दौरे से पहले सभी कमियां दूर कर ली गई जिससे इन्हें हैंडओवर कर दिया गया।
सीसीएचबी
जी प्लस दो मंजिला बनी सीसीएचबी में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसमें इमरजेंसी लाइट के लिए जनरेटर सेट भी होगा। यहां गंभीर हालत में लाए जाने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू-पीआइसीयू और सीसीएचबी के शुरू होने से न केवल रतलाम जिले के मरीजों को वरन आसपास के कई जिलों के मरीजों को इसका फायदा मिलेगा। उन्हें दूसरे शहरों में इलाज के लिए अपने मरीजों को ले जाने से मुक्ति मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में ही इलाज होने से परिजनों का समय और धन भी बचेगा।
30 बेड का है एमएनसीयू
एसएनसीयू में ऐसे बच्चों को रखा जाएगा जिन्हें गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन उन्हें केयर की जरुरत होती है। साथ ही उनकी माताओं को भी प्रसव के बाद ब्लडिंग या अन्य तरह की समस्या होने पर इस यूनिट में रखा जा सकेगा।
फैक्ट फाइल
एसएनसीयू बेड - 25
पीआईसीयू बेड - 12
एचडीयू बेड - 10
आब्जर्वेशन यूनिट बेड - 06
कुल बेड की संख्या 54
हैंडओवर हो गई यूनिटें
दोनों ही यूनिटें मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर हो चुकी है। पीआइसीयू से भी एनओसी का पत्र आ गया है। हमारा प्रयास है कि इन्हें जल्द शुरू कर मरीजों को सुविधा दी जाए।
डॉ. अनिता मुथा, डीन मेडिकल कॉलेज रतलाम