
रतलाम. . शहर के मुख्य डाकघर में इन दिनों दो महत्त्वपूर्ण वस्तुओं की कमी से नागरिक परेशान हैं। आगामी रक्षाबंधन पर्व के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बहनों को भाइयों को राखी भेजने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व घरों पर फहराने के लिए राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे झंडे भी समाप्त हो गए हैं, जिससे लोगों में निराशा है।
रक्षाबंधन पर्व पर बहनें दूर बैठे अपने भाइयों को राखी भेजती हैं। डाक के माध्यम से भेजी जाने वाली राखियां सुरक्षित पहुंचें, इसके लिए वाटरप्रूफ लिफाफों की विशेष मांग रहती है, खासकर वर्षा ऋतु में। इन लिफाफों के अभाव में बहनों को अपनी राखियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है, क्योंकि सामान्य लिफाफों में वर्षा या नमी से राखी खराब होने का भय रहता है। कई बहनें जो इस सेवा पर निर्भर थीं, उन्हें अब अन्य विकल्प तशवनेपड़ रहे हैं, जिससे उनके चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। इसी प्रकार, स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व नजदीक है। इस अवसर पर अनेक नागरिक अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देशभक्ति का प्रदर्शन करते हैं। डाकघर में तिरंगे झंडों का स्टॉक खत्म होने से ऐसे लोग झंडे खरीदने के लिए भटक रहे हैं। डाकघर को राष्ट्रीय ध्वज बिक्री का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, और यहां आपूर्ति न होने से आमजन को असुविधा हो रही है। इस कमी के चलते कई लोग पर्व से पूर्व झंडे नहीं खरीद पा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है। नागरिकों ने डाकघर प्रशासन से शीघ्र ही इन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
डाकघर में सात दिन पूर्व ही वाटरप्रूफ लिफाफे की 500 नग का पहला लाट आया था। इन लिफाफों को सभी विभागीय व उप डाकघरों में मांग के अनुसार भिजवा दिया था। मुख्यालय की लेतलाली से सात दिन में दूसरे लाट नहीं आ पाने से यहां पर परेशानी खड़ी हो गई है। जिम्मेदार वाटरप्रू्रफ लिफाफे की व्यवस्था में जुट गए हैं।
डाकघर में घर-घर तिरंगा फहराने अभियान के चलते झंडे मंगाए गए थे। इसमें भी विभाग को 500 झंडों का अलाटमेंट आया था। इसे भी सभी डाकघरों में भिजवा दिया। इधर स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व ही झंडे समाप्त हो गए हैं। अब लोग झंडे के लिए डाकघर के चक्कर लगा रहे हैं।
मुख्यालय से वाटरप्रूफ लिफाफे का लाट आने में देरी से यहां पर परेशानी आई है। लिफाफों के लिए अन्य कार्यालयों से संपर्क कर व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही व्यवस्था कर बहिनों के चेहरे पर खुशी लाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस में एक दिन बाकी होने से झंडे की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
राजेश कुमावत, अधीक्षक, संभागीय डाकघर, रतलाम।