शहर में बढ़ते अपराधों में नाबालिगों की भूमिका सामने आने के बाद रतलाम एसपी ने की सख्ती, स्कूलों में जागरूकता को लेकर चलाएंगे अभियान। योजना लागू, पहले ही दिन कार्रवाई
रतलाम. अपने नाबालिग बच्चों के हाथों में वाहनों की चाबी थमाने वाले अभिभावक सावधान हो जाएं। किसी भी चौराहे पर जांच के दौरान या स्कूल में कोई नाबालिग बच्चा वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो इसके लिए अभिभावक जिम्मेदार होंगे। यही नहीं उनका चालान भी काटा जाएगा। यह चालान 500 या हजार रुपए का नहीं होगा वरन सीधे 25 हजार रुपए का कटेगा।
एसपी अमित कुमार ने बताया वाहनों की जांच का अभियान लगातार चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत गुरुवार की शाम से कर दी। बढ़ते हादसे और अपराधों को रोकने के लिए पुलिस ने यह तरीका निकाला है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चे अगर दो पहिया या चार पहिया वाहन चलाते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
25 हजार तक का जुर्माना
एसपी कुमार ने बताया कि इसके लिए हमने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज या कोचिंग आदि से जुड़े मुख्य सडक़ों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करके खास चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। साथ ही स्कूलों में बच्चों को जागरुक भी किया जाएगा। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया और चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। कोई नाबालिग अगर गाड़ी चलाते हुए पाया गया तो उनके माता-पिता को अधिकतम 25 हजार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
पहले दिन समझाया
सैलाना बस स्टैंड सहित अन्य चौराहों पर शुक्रवार की शाम से ही यातायात अमले ने जांच अभियान शुरू कर दिया। इसमें नाबालिगों के साथ ही अन्य वाहन चालकों को भी जांच की है। सैलाना बस स्टैंड पर यातायात डीएसपी अनिल कुमार राय ने अमले के साथ रात आठ बजे से जांच शुरू की। दो दर्जन से ज्यादा नाबालिगों को वाहन चलाते पाए जाने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर पहले दिन समझाइश दी।