रेल मंडल के चित्तौडग़ढ़ के करीब शंभुपूरा यार्ड में एलसी गेट 90 के यहां शंटिंग के दौरान इंजन व मालगाड़ी के एक डिब्बा डिपो ले जाने के दौरान बे पटरी हो गया। सुबह 4 से 4.30 के बीच हुई घटना के बाद चित्तौडग़ढ़ से दुर्घटना स्थल पर राहत के लिए एआरटी ट्रेन को भेजा गया।
रतलाम. रेल मंडल के चित्तौडग़ढ़ के करीब शंभुपूरा यार्ड में एलसी गेट 90 के यहां शंटिंग के दौरान इंजन व मालगाड़ी के एक डिब्बा डिपो ले जाने के दौरान बे पटरी हो गया। सुबह 4 से 4.30 के बीच हुई घटना के बाद चित्तौडग़ढ़ से दुर्घटना स्थल पर राहत के लिए एआरटी ट्रेन को भेजा गया। सुबह 9 बजे बे पटरी डिब्बे को पटरी पर चढ़ाने में सफलता मिली। मामले में इंजन चालक बसराम मीणा को दोपहर बाद निलंबित किया है।
रेलवे के परिचालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 4 व 4.30 बजे के बीच इंजन नंबर 18654 व मालगाड़ी का एक डिब्बा नंबर 60099 को डिपो में रखरखाव के लिए ले जाया जा रहा था। एलसी गेट 90 के करीब इंजन व एक डिब्बा बे पटरी हो गया। चित्तौडग़ढ़ से इंजीनियरिंग विभाग के दुर्घटना यान को भेजा गया। सुबह ९ बजे बे-पटरी हुए डिब्बे को पटरी पर चढ़ाया गया। अधिकारी घटना स्थल पर सूचना के बाद पहुंच गए थे।
चालक की जवाबदेही
अधिकारियों के अनुसार चालक की नींद लगने की एक वजह दुर्घटना में सामने आ रही है। रातभर जागे चालक ने पहली शंटिंग की थी। रेलवे के अनुसार संभावित रूप से चालक की नींद लगने की बात सामने आ रही है। चित्तौडग़ढ़ के अधिकारियों ने बताया कि इंजन उतरकर ट्रैक पाइंट गेट को पार कर गया था। इस दौरान साथ में रहे शंटिंग मास्टर नंदकिशोर पर कार्रवाई नहीं की गई है।
1 माह में दूसरी घटना
मंडल में 1 माह में दूसरी बार हुआ है जब मालगाड़ी का डिब्बा बे पटरी हुआ है। २८ नवंबर की सुबह रतलाम में अपयार्ड में मालगाड़ी लुढ़ककर पीछे चली गई थी।
जांच के बाद निर्णय
इंजन व मालगाड़ी के व्हील उतरने की घटना शंभुपूरा के करीब हुई है। जांच के बाद ही जवाबदेही तय होगी।
- विनीत कुमार, मंडल रेल प्रबंधक