रतलाम. जिले में संचालित हो रहे तीन आयुर्वेदिक औषधालय और शहर के मध्य जिला अस्पताल की आयुष विंग की हालत जर्जर होती जा रहा हैं, निर्माण कार्य और नवीन भवन के लिए शासन से राशि स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो पाया हैं। तीन आयुष औषधालय की तो राशि भी […]
रतलाम. जिले में संचालित हो रहे तीन आयुर्वेदिक औषधालय और शहर के मध्य जिला अस्पताल की आयुष विंग की हालत जर्जर होती जा रहा हैं, निर्माण कार्य और नवीन भवन के लिए शासन से राशि स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो पाया हैं। तीन आयुष औषधालय की तो राशि भी दूसरी बार स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन जमीन आवंटन नहीं हो पाने के कारण मामला अब तक अटका पड़ा हैं।
जिले की शासकीय आयुष औषधालय प्रीतमनगर, नायन और जामुनिया में संचालित हो रहे आयुष औषधालय के जर्जर भवनों की स्थिति बारिश के दिनों में और गंभीर हो जाती हैं, दीवारों में दरारे पड़ चुकी हैं। संचालनालय आयुष ने मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल पत्र लिखकर 40 अप्रारंभ आयुष औषधालयों के नवीन भवन निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति दी गई हैं, इसमें रतलाम की तीन आयुष औषधालय के नाम भी शामिल हैं, जो काफी समय से जर्जर अवस्था में खड़े हैं, लेकिन स्थान चयन नहीं होने के कारण काम आज तक अटका हुआ हैं। पूर्व भी भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत हो चुकी थी। आयुष औषधालयों के नवीन भवन निर्माण के लिए प्रति औषधालय राशि 73.86 लाख रुपए का मानचित्र में उल्लेखित क्षेत्रफल अनुसार संचालनालय से प्राक्कलन की तकनीकी स्वीकृति मिल गई है।
आयुष विंग की हालत भी खराब
जिला अस्पताल परिसर में संचालित हो रहे आयुष विंग की हालत भी दिन पर दिन खराब होती जा रही हैं। भवन जर्जर होकर बारिश में बैठने के लिए भी उपयुक्त नहीं रहता हैं। यहां औषधियों के लिए स्थान तक नहीं हैं, इसके अलावा पंचकर्म भी बंद करना पड़ता हैं। जिला अधिकारी डॉ. जयंत ने कहा कि निर्माण एजेंसी का कहना है कि 50 लाख से नीचे का कार्य नहीं करते हैं, इसलिए मामला अटका पड़ा हैं।
इनका कहना है…
जिले में तीन प्रीतमनगर, नायन, जमुनिया में आयुष औषधालय भवन बनना हैं, जमीन आवंटित होने का इंतजार हैं। इसके लिए जिला प्रशासन को आवेदन दे दिया हैं। पहले भी राशि स्वीकृत हुई थी, दूसरी बार में बढकऱ प्रति भवन 73.86 लाख की राशि स्वीकृत होकर आ गई है।
डॉ. दाताराम जयंत, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, जिला अधिकारी