मालवा और निमाड़ अंचल में फरवरी में बिजली की रिकार्ड तोड़ मांग है। फरवरी के 20 दिनों में करीब 200 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति हुई है।
रतलाम. मालवा और निमाड़ अंचल में फरवरी में बिजली की रिकार्ड तोड़ मांग है। फरवरी के 20 दिनों में करीब 200 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति हुई है। बिजली की इतनी मांग और आपूर्ति की स्थिति पहली बार बनी है।
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि सवा माह से बिजली की मांग 5500 मैगावाट से ज्यादा है। फरवरी के दिनों में मांग 6000 मैगावाट के पार पहुंची है। फरवरी में मांग के मुताबिक बिजली की गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति की जा रही है। प्रबंध निदेशक तोमर ने बताया कि फरवरी के 20 दिनों में दैनिक 10 करोड़ यूनिट के औसत से अब तक 200 करोड़ यूनिट बिजली वितरित की जा चुकी है। रबी की सीजन के साथ ही औद्योगिक, घरेलू, गैर घरेलू बिजली मांग पर्याप्त होने से कुल बिजली मांग काफी ज्यादा है।
सबसे ज्यादा आपूर्ति इंदौर जिले में
सबसे ज्यादा आपूर्ति इंदौर जिले में औसतन 1 करोड़48 लाख यूनिट की है। इसके बाद धार जिले में 1.39 करोड़ यूनिट, उज्जैन जिले में 1.20 करोड़ यूनिट, खरगोन 94 लाख यूनिट, देवास 90 लाख यूनिट, रतलाम 81लाख यूनिट दैनिक आपूर्ति हो रही है। अन्य जिलों में 25 से 75 लाख यूनिट दैनिक आपूर्ति की जा रही है। रतलाम जिले में जारी माह में करीब 16 करोड़ यूनिट बिजली वितरित हुई, जबकि गत वर्ष फरवरी के बीस दिन में साढ़े बारह करोड़ यूनिट बिजली वितरित हुई थी।
अधिकारी तैनात
तोमर ने बताया कि आपूर्ति व्यवस्था सुचारू चलने के लिए कंपनी स्तर पर कार्यपालक निदेशक स्तर के अधिकारी गजरा मेहता और प्रत्येक जिलों में नोडल अधिकारी तैनात है। बिजली कंपनी के केंद्रीयकृत काल सेंटर 1912 से भी प्रतिदिन पांच सौ उपभोक्ताओं को रेंडम आधार पर फोन कर आपूर्ति संबंधी फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि संतुष्टि की प्रतिपुष्टि हो सके।