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10 साल में 14 हजार मौत, 35 हजार से अ​धिक घायल

लेबड़-जावरा, जावरा-नयागांव ही नहीं, प्रदेश में अन्य टोल की समय-सीमा हो गई पूरी, लागत से 4 से 6 गुना वसूली कर ली गई, अब भी यह जारी यह खेल,विधानसभा समितियों की सिफारिश पर भी अमल नहीं कर पाए
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रतलाम

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Ashish Pathak

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Updated: 26 May 2026, 10:48 PM IST

Dead body gold locket missing

Dead body gold locket missing(photo-patrika)

रतलाम। मध्य प्रदेश में नेशनल व राज्य के मिलाकर 107 टोल प्लाजा है। 2016 से लेकर इस वर्ष जनवरी तक इन टोल मार्ग पर दस साल में 40 हजार से अ​धिक सड़क दुर्घटनाएं, 35 हजार से अ​धिक घायल और 14 हजार से अ​धिक की मौत हो चुकी है। इन टोल प्लाजा के निर्माण के समय ब्लैक स्पाट छोड़ दिए गए, जिनका निरीक्षण दस साल में विधानसभा की तीन समितियों ने किया, सिफारिशें की, उन पर अमल तक नहीं हो पाया। हां, टोल बनने के बाद से दस साल में लागत से 600 प्रतिशत तक अ​धिक रुपए जरुर वसूले जा चुके है। मध्य प्रदेश में टू लेन और फोरलेन सड़कों की निर्माण लागत से कई गुना अधिक टोल टैक्स की वसूली जारी है। राज्य में कई प्रमुख फोरलेन सड़कों पर लागत का 600% तक टोल वसूला जा चुका है। लेबड़-जावरा और जावरा-नयागांव जैसे मार्गों पर लागत से कई गुना अधिक वसूली पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसके बाद भी वसूली का खेल जारी है।


अब तक इतनी मौत, जिम्मेदारी तय नहीं

कुल ब्लैक स्पाट - 83

कुल दुर्घटनाएं - 41993

कुल घायल - 35309

कुल मौत - 14679

यहां लागत से अ​धिक हो चुकी वसूली

मार्ग - निर्माण लागत-वसूल लिए

खलघाट-मनावर मार्ग - 38.21 -114.99

खरगवा-बेढन-39.41 - 40.86

उदयपुरा-गादरवाड़ा-15.21- 18.64

ग्वालियर-​भिंड - 302.53-564.36

ग्वालियर-झांसी - 69.01-108.1

छिंदवाड़ा-मटकुली - 98.91-124.97

बड़वानी-कुक्षी-आलिराजपुर- 63.02 - 88.65

रीवा-हनुमना - 672.00- 765.95

भोपाल-देवास - 621.77 - 2054.42

देवास बायपास - 267.30 - 253.17

मंदसौर-सीतामऊ - 25.25 - 77.45

उज्जैन-जावरा - 189.29 - 292.57

जावरा-नयागांव - 425.71 - 2634.46

लेबड़-जावरा - 589.31 - 2378.43

इंदौर - उज्जैन - 232.94 - 389.04

भोपाल बायपास - 304.32 - 440.95

पूरी तरह से अमल नहीं किया

विधायकों के प्रतिनि​धिमंडल ने टोल मार्ग का निरीक्षण किया व उसमें जो कमी थीं, उनको बताया, उसका पूरी तरह पालन नहीं किया। विधायकों के दल में, मैं भी शामिल रहा हूं। इस मामले में पत्र पूर्व में लिखा था।

- राजेंद्र पांडे, विधायक, जावरा

सरकार की बड़ी लापरवाही

विधानसभा में टोल लागत से अ​धिक की वसूली का मामला मेरे द्वारा उठाया गया। सरकार इस मामले में साफ जवाब देने से बचती रही। इतनी दुर्घटनाएं, मौत, हादसे के बाद भी वसूली जारी होना, ब्लैक स्पाट खत्म नहीं करना, सरकार की बड़ी लापरवाही है।

- प्रताप ग्रेवाल, विधानसभा में टोल मामले को उठाने वाले विधायक