
Dead body gold locket missing(photo-patrika)
रतलाम। मध्य प्रदेश में नेशनल व राज्य के मिलाकर 107 टोल प्लाजा है। 2016 से लेकर इस वर्ष जनवरी तक इन टोल मार्ग पर दस साल में 40 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं, 35 हजार से अधिक घायल और 14 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है। इन टोल प्लाजा के निर्माण के समय ब्लैक स्पाट छोड़ दिए गए, जिनका निरीक्षण दस साल में विधानसभा की तीन समितियों ने किया, सिफारिशें की, उन पर अमल तक नहीं हो पाया। हां, टोल बनने के बाद से दस साल में लागत से 600 प्रतिशत तक अधिक रुपए जरुर वसूले जा चुके है। मध्य प्रदेश में टू लेन और फोरलेन सड़कों की निर्माण लागत से कई गुना अधिक टोल टैक्स की वसूली जारी है। राज्य में कई प्रमुख फोरलेन सड़कों पर लागत का 600% तक टोल वसूला जा चुका है। लेबड़-जावरा और जावरा-नयागांव जैसे मार्गों पर लागत से कई गुना अधिक वसूली पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसके बाद भी वसूली का खेल जारी है।
कुल ब्लैक स्पाट - 83
कुल दुर्घटनाएं - 41993
कुल घायल - 35309
खलघाट-मनावर मार्ग - 38.21 -114.99
खरगवा-बेढन-39.41 - 40.86
उदयपुरा-गादरवाड़ा-15.21- 18.64
ग्वालियर-भिंड - 302.53-564.36
ग्वालियर-झांसी - 69.01-108.1
छिंदवाड़ा-मटकुली - 98.91-124.97
बड़वानी-कुक्षी-आलिराजपुर- 63.02 - 88.65
रीवा-हनुमना - 672.00- 765.95
भोपाल-देवास - 621.77 - 2054.42
देवास बायपास - 267.30 - 253.17
मंदसौर-सीतामऊ - 25.25 - 77.45
उज्जैन-जावरा - 189.29 - 292.57
जावरा-नयागांव - 425.71 - 2634.46
लेबड़-जावरा - 589.31 - 2378.43
इंदौर - उज्जैन - 232.94 - 389.04
भोपाल बायपास - 304.32 - 440.95
विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने टोल मार्ग का निरीक्षण किया व उसमें जो कमी थीं, उनको बताया, उसका पूरी तरह पालन नहीं किया। विधायकों के दल में, मैं भी शामिल रहा हूं। इस मामले में पत्र पूर्व में लिखा था।
- राजेंद्र पांडे, विधायक, जावरा
विधानसभा में टोल लागत से अधिक की वसूली का मामला मेरे द्वारा उठाया गया। सरकार इस मामले में साफ जवाब देने से बचती रही। इतनी दुर्घटनाएं, मौत, हादसे के बाद भी वसूली जारी होना, ब्लैक स्पाट खत्म नहीं करना, सरकार की बड़ी लापरवाही है।
- प्रताप ग्रेवाल, विधानसभा में टोल मामले को उठाने वाले विधायक
Updated on:
26 May 2026 10:48 pm
Published on:
26 May 2026 10:47 pm
