
आलोट। भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीराम की कथा एवं लीलाएं मनुष्य जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण और उपयोगी है, जो हमारे पाप दोष विकार को नष्ट कर हमें सदमार्ग पर चलने को प्रेरित करती हैं।
यह बात अनंत विभूषित जगतगुरु अवधेशाचार्य महाराज (फैजाबाद) ने कही। वे जिला भारतीय पत्रकार संघ आलोट टीम एवं गुरु ? भक्त महिला मंडल द्वारा स्थानीय विक्रम क्लब मैदान पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन सोमवार को कथा का रसपान करा रहे थे। उन्होंने कथा के दौरान महाभारत युद्ध का विस्तार से वर्णन किया और ध्रुव महाराज व भक्त प्रहलाद के बालपन से ही परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास भरे प्रसंग का सुन्दर ढंग से वर्णन किया। कथा की शुरुआत के पूर्व जगतगुरु का वंदन पूजन वीरेन्द्रसिंह सोलंकी, राजेश कोठारी, विद्यानंद गोस्वामी, पिन्टू राकेश चौहान, दीपक झंडी, अशोक देवड़ा, भूपेन्द्रसिंह सोलंकी, मनोहरलाल खत्री आदि ने किया।
भागवत कथा को विश्राम
चौरासी बड़ायला। गांव सादाखेड़ी में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा को विश्राम दिया गया। इसके पहले आचार्य वासुदेव महाराज (बड़ावदा वाल) के सान्निध्य में ग्राम में पोथी यात्रा निकाली गई। ग्राम का भ्रमण करती हुई यात्रा वापस कथा स्थल पहुंची जहां पर महाआरती के पश्चात प्रसादी का वितरण किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
संगीत प्रस्तुति ने बांधा समां
जावरा। त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के सर्राफ प्रकाश-आशादेवी कांठेड़ के सजोड़े वर्षीतप की 400 दिवसीय सुदीर्घ तपस्या के उपलक्ष्य में सकल जैन समाज सदस्यों की सामुहिक चौबीसी तथा भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। इसमें समाज के 100 से अधिक महिला-पुरुष मंडलों के साथ ही विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक, धार्मिक संगठनों तथा मित्र मंडल, स्नेहजनों ने कांठेड़ दंपत्ति का बहुमान किया। समाजजनों के साथ ही ब्राहम्ण, माहेश्वरी, अग्रवाल, सोनी व पोरवाल, राजपुत समाज के प्रतिष्ठितजनों ने भी बहुमान किया। चौबीसी में समाज के 15 से अधिक महिला मंडल ने तपअनुमोदना में अपनी प्रस्तुतिक इसके स्थान के राजेन्द्र जैन संगीत मंडल के अभय चौपड़ा के साथ कलाकारों ने भक्तिकी प्रस्तुति दी। इससे पूर्व पिपली बाजार मंदिर में प्रभुजी आदिनाथ के समक्ष स्नात्र पूजन एवं श्री सिद्धाचल, नवाणु प्रकार की पुजन राजेन्द्र संगीत मंडल द्वारा पढाई गई। इसमें समाजजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर कांठेड़ परिवार द्वारा विभिन्न तपस्वियों का बहुमान भी किया। राजेन्द्र मंडल के अनिल, अभय, चिराग चौहान के साथ ही सौरभ जैन, विजय आंचलिया, नगीन सकलेचा, सुभाष डुंगरवाल का भी बहुमान किया।