रतलाम

सेवानिवृत्ति बाद शिक्षक ने गौसेवा को बनाया जीवन का लक्ष्य

Jul 28, 2026
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datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

फोटो-आरटी-2801






ढोढर. अधिकांश लोग सेवानिवृत्ति के बाद आरामदायक जीवन पसंद करते हैं, लेकिन ढोढर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक प्रभुलाल कालमा ने समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपना समय और जीवन कामधेनु गौशाला के गौवंश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।

कालमा ने पिंगराला शासकीय प्राथमिक विद्यालय में 42 वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षा दी। गत वर्ष सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने खेती लीज पर दे दी और परिवार की जिम्मेदारी अपने पुत्र को सौंपकर पूरी तरह गौसेवा में जुट गए। वर्तमान में वे कामधेनु गौशाला के सचिव के रूप में दिन-रात सक्रिय हैं। ढोढर–सरसोदा मार्ग पर स्थित कामधेनु गौशाला की स्थापना करीब 26 वर्ष पूर्व संत श्यामसुंदर दास ने 25 बीघा भूमि पर की थी। गौशाला के सदस्य बालकृष्ण जोशी और कोषाध्यक्ष अमरसिंह गुर्जर बताते हैं कि कालमा स्वयं से अधिक गौशाला की व्यवस्था और गौवंश की देखभाल को प्राथमिकता देते हैं। वे अपनी निजी जेब से भी आर्थिक सहयोग करते हैं। करीब 25 बीघा क्षेत्र में फैली इस गौशाला में 400 से अधिक गाय और बछड़े हैं, जिनकी स्वास्थ्य, भोजन और अवास की निगरानी कालमा स्वयं करते हैं। गौशाला प्रबंधक गंगाराम माली ने बताया कि कालमा की देखरेख में गौशाला ने विशेष पहचान बनाई है। प्रभुलाल कालमा का कहना है कि उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद अपना पूरा समय और जीवन गौशाला की सेवा को समर्पित किया है।

Updated on:
28 Jul 2026 06:00 am
Published on:
28 Jul 2026 06:00 am