जैन दिवाकर स्मारक पर 10 दिवसीय शिविर का 25 मई को समापन, बच्चों को धार्मिक शिक्षा मिली, केम्प में बच्चों की सहभागिता के साथ हर्षोल्लास से चल रहा है। केम्प के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में धार्मिक क्रिया करवाई जाती है। शिविर बच्चों की सहभागिता के साथ हर्षोल्लास से चल रहा है।
रतलाम. शहर में इन दिनों लर्न एंड टर्न केम्प से लगाकर बड़ी संख्या में बच्चे जुड़ रहे हैं। इस केम्प में शामिल होने वे खेल-खेल में संस्कारित तो हो रहे हैं, उनसे धार्मिक क्रिया करवाई जाती है, ताकि बच्चे बड़े होकर धार्मिक क्रिया को निरंतर कर सकें।
जगत वल्लभ जैन दिवाकर चौथमल और डॉ. शिवमुनि की आज्ञानुवर्तिनी कमलावती की शिष्या अरुणप्रभा, गुरुकीर्ति, गुरुनिधि, अरुणकीर्ति आदि चार साध्वियों के सानिध्य में पगारिया परिवार नागपुर के सौजन्य से जैन दिवाकर स्मारक पर दस दिवसीय जैन दिवाकर लर्न एंड टर्न शिविर आयोजित किया है। शिविर बच्चों की सहभागिता के साथ हर्षोल्लास से चल रहा है।
खेल-खेल में धार्मिक क्रिया
इस अवसर पर गुरुकीर्ति ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि अगर अपने बच्चों को संस्कारवान और धार्मिक बनाना है, तो ऐसे शिविरों में भेजना पड़ेगा, ताकि बच्चे जिनशासन की शोभा बढ़ा सकें। शिविर के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में धार्मिक क्रिया करवाई जाती है, ताकि बच्चे बड़े होकर धार्मिक क्रिया को निरंतर कर सकें। साध्वियों ने कहा कि ऐसे शिविर प्रतिवर्ष लगाए जाते हैं।
27 मई को मोहनमुनि का पुण्य स्मृति दिवस
इस शिविर का समापन 25 मई को होने जा रहा है। साथ ही, 27 मई को मोहनमुनि का पुण्य स्मृति दिवस है। वद्र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, नीमचौक रतलाम के अध्यक्ष अजय खिमेसरा और महामंत्री विनोद कटारिया ने बताया कि संघ को सौभाग्य है कि इस समापन और पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर साध्वी डा. कुमुदलता, डॉ. महाप्रज्ञा, डॉ. पदमकीर्ति, साध्वी राजकीर्ति आदि चार साध्वियों का सानिध्य भी प्राप्त होने जा रहा है।
25 मई को शिविर समापन
25 मई को शिविर समापन, अरुणप्रभा के लगातार 500 से अधिक आयंबिल तप की अनुमोदना और अरुणकीर्ति का लगातार पांचवां वर्षीतप की पूर्णाहुति के कार्यक्रम होंगे। दिनांक 27 मई को मोहनमुनि का पुण्य स्मृति दिवस जप तप के साथ समस्त साध्वी मंडल की निश्रा में मनाया जाएगा।
गच्छाधिपति नित्यसेन ने की गुरुभक्ति की सराहना
गुरुदेव जयन्तसेन सूरीश्वर का रतलाम चातुर्मास एतिहासिक था और गुरु के प्रति समर्पण के भाव से ही ऐसा संभव हुआ। चेतन्य काश्यप परिवार निरंतर ऐसे कार्य करता आ रहा है, जो अनुमोदनीय हैं। ऐसे गुरुभक्त मिल जाएं, तो अनेक अच्छे काम हो सकते हैं। यह विचार गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर ने आशीर्वचन में कही।
गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर ने कहा चेतन्य काश्यप जैसे गुरुभक्तों से अनेक अच्छे कार्य संभव
गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर का गुरुवार सुबह मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास पर आना हुआ, इससे पहले दिलबहार चौराहा से चल समारोह निकाला गया। इसमें मंत्री काश्यप, महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल सहित कई प्रबुद्धजन शामिल हुए।
गुरु का आशीर्वाद उनके परिवार का सौभाग्य
सौधर्म वृहत्तपोगच्छीय राजेन्द्रसूरी त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ संरक्षक काश्यप ने परिवार सहित गच्छाधिपति का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद उनके परिवार का सौभाग्य है। गच्छाधिपति का 22 मई को सुबह लोकेन्द्र टाकीज क्षेत्र से शहर में मंगल प्रवेश होगा और मोहन टाकीज में धर्मसभा के बाद वे नीमवाला उपाश्रय में प्रवास करेंगे। 23 मई को वे जयंतसेन धाम जाएंगे और फिर इंदौर चातुर्मास के लिए विहार करेंगे। संचालन राजकमल दुग्गड़ ने किया।
संस्कारों की परवरिश में कहीं मात खा रहे परिजन
माता-पिता के उचित पालन पोषण उच्च शिक्षा दीक्षा महंगा रहन-सहन आदि के बावजूद संस्कारों की परवरिश में कहीं मात खा रहे है। बेटियों को मर्यादा और समर्पण की शिक्षा देना हैं। यह विचार लायंस हॉल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भागवताचार्य डॉ.नीना शर्मा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमें उच्च संस्कारों के साथ-साथ उत्कृष्ट कर्म पर भी ध्यान देना होगा तभी समाज में मंगलमय वातावरण निर्मित हो पाएगा कर्मों की प्रधानता और पवित्रता हमारे जीवन के सुख को निर्धारित करती है। कथा विश्राम के अवसर पर आरती सरोज सोनी, तेजकुवर सोनी, मंजू सोनी, नरेंद्र सोनी, महेश शर्मा, दिनेश शर्मा, हितेंद्र राठौर आदि बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने की।