
रतलाम। जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर ग्राम शिवपुर में स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र शाम होते ही बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार शाम को गेट पर ही धरना दे दिया और पुख्ता स्वास्थ्य व्यवस्था करने की मांग पर अड़े रहे। धरना प्रदर्शन की सूचना के बाद ड्यूटी पर तैनात मेडम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन खबर लिखे जाने तक ग्रामीण डटे हुए थे।
ग्रामाीणों का आरोप था कि उपस्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए अन्यत्र भटकना पड़ता है या अधिक गंभीर स्थिति में रतलाम तक दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार गंभीर मामलों में मरीजों को जोखिम भी उठाना पड़ता है। मरीजों की परेशानी और स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के विरोध में शनिवार शाम ग्रामीण धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों का आरोप
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शनिवार शाम करीब 6 बजे जालोद निवासी पीरूलाल जाटव अपनी पत्नी को इलाज करवाने केंद्र पर लाए, लेकिन वहां ताला लगा मिला। मरीज ने आधा घंटा इंतजार किया, पर कोई चिकित्सक या एएनएम मौजूद नहीं थी। पास की दुकानों से पूछने पर पता चला कि केंद्र रात में भी बंद रहता है। इस कारण मजबूरी वश उन्हे अन्यत्र भटकना पड़ता हैं।
पहले रात्रि में भी मिलती थी चिकित्सा सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहां एक मेडम की ड्यूटी थी और वह यहीं रहती थी, लेकिन अब कोई नहीं रहता, जिससे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, गत दिवस सेवरिया निवासी अर्चना रात में 9 बजे केंद्र पर पहुंची थी, पर कोई नहीं मिलने पर परिजन महिला को बिलपांक केंद्र ले गए और वहीं डिलीवरी हुई। इस संबंध में दिलीप तिवारी ने 181 पर शिकायत भी की है। धरने पर संजय पाटीदार, अरुण शर्मा, प्रकाश पाटीदार, दशरथ बैरागी, मानवेंद्रसिंह, सुखवीर पाटीदार, अर्जुन राठौर आदि बैठे थे। इस दौरान सुराना चौकी से पुलिस जवान मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों का खबर लिखे जाने तक धरना जारी था। रात 10.30 बजे करीब स्वास्थ्य विभाग से डॉ. वर्षा कुरील, बीएमओ, आशीष चौरसिया आदि अमला शिवपुर के लिए पहुंचा।
इनका कहना है…
शिवपुर उपस्वास्थ्य केंद्र पर हमारे बीएमओ ओर अन्य अधिकारी पहुंच रहे हैं। पीएचसी है अपग्रेड हुआ हैं, ड्यूटी लगा रखी हैं, व्यवस्था करते हैं।
डॉ. किरण वाडिवा, सीएमएचओ