
Soyabean- मध्यप्रदेश में किसानों के साथ खूब धोखाधड़ी हो रही है लेकिन कोई सुननेवाला नहीं है। किल्लत के कारण बाजार में बड़ी मात्रा में नकली खाद बिकी जबकि अब खरपतवार नाशक के नाम पर भी उन्हें चूना लगाया जा रहा है। प्रदेश के कई अंचलों में दवाई छिड़काव के बाद सोयाबीन फसल खराब हुई है। रतलाम के धनेसरा में भी किसानों के साथ ऐसी घटना हुई जहां खरपतवार डालते ही सोयाबीन झुलस गया। किसानों की फसल बर्बाद हो गई। इसके विरोध में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं।
एमपी में खरीफ सीजन में सोयाबीन सबसे प्रमुख फसल है जोकि प्रदेशभर में बोई जाती है। सोयाबीन को सुरक्षित रखने के लिए खेतों में खरपतवार नाशक दवाई डाली जाती है पर अब यह दवाई फसल के लिए जहर का काम कर रही है। खरपतवार नाशक डालते ही सोयाबीन झुलस रहा है।
प्रदेश के पूर्व सीएम और अब केंद्र में कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी ऐसी शिकायतें की गईं। उन्होंने कार्रवाई के निर्देश भी दिए लेकिन इसके बाद भी नकली और गुणवत्ताहीन खरपतनाशक खुलेआम बिक रहा है।
प्रदेश के रतलाम जिले में ऐसे ही खरपतवार नाशक के छिड़काव के बाद फसल खराब हो गई। यहां के धनेसरा गांव में सोयाबीन में खरपतवार नाशक दवाई छिड़काव के बाद 55-60 बीघा जमीन पर खड़ी फसल जल गई। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। मामले की शिकायत की गई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ऐसे में किसानों ने लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन किया है। घटिया खरपतवार नाशक बिक्री को प्रतिबंधित कर कार्रवाई करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग के समर्थन में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने उज्जैन और रतलाम के कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि संबंधित दवाई कंपनी पर कार्रवाई और किसानों को उचित मुआवजा के संबंध में रतलाम डीडीए से मिले थे लेकिन वे प्रति बीघा महज 2500 रुपए का मुआवजा लेने की बात कह रहे हैं। किसानों ने रतलाम और उज्जैन के कृषि अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की है।
बता दें कि मध्यप्रदेश में निंदानाशक डालने से फसलें जलने की अनेक घटनाएं हो रहीं हैं। इससे किसान तबाह हो रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भी ऐसी अनेक शिकायतें पहुंची। पिछले माह उन्होंने विदिशा के छीरखेड़ा गांव के एक खेत में जाकर खुद अपनी आंखों से फसल की दुर्गति देखी। इसके बाद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद कहा कि निंदानाशक डालने से सोयाबीन जल गया है। खेतों में फसल की जगह खरपतवार उग आई है। उन्होंने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय दल गठित करने की घोषणा भी की थी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित कंपनी के खिलाफ विधि सम्मत सख्त कार्रवाई करने का भरोसा भी दिलाया था। इसके बावजूद भी अधिकारी चेत नहीं रहे।