जीवन में वो एक छोटी सी वजह से इतना परेशान हो गया कि उसने छुट्टी वाले दिन मौत को गले लगाना तय कर लिया, जिस स्कूल में वो पढ़ाने का कार्य करता था। बड़ी बात यह, मौत सेे पहले उसने अपने परिवार को इस बारे में बता दिया था कि उसको तलाश नहीं किया जाए।
रतलाम. जीवन में वो एक छोटी सी वजह से इतना परेशान हो गया कि उसने छुट्टी वाले दिन मौत को गले लगाना तय कर लिया, जिस स्कूल में वो पढ़ाने का कार्य करता था। बड़ी बात यह, मौत सेे पहले उसने अपने परिवार को इस बारे में बता दिया था कि उसको तलाश नहीं किया जाए। मामला मध्यप्रदेश के रतलाम का है, जहां एक टीचर ने सुसाइड कर लिया है।
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के छत्री गांव स्थित माध्यमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत बिरमावल निवासी अतिथि शिक्षक राजेन्द्र पाटीदार पिता भरतलाल पाटीदार 29 ने रविवार को स्कूल के कक्ष में ही पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार होने से इस समय स्कूल में कोई नहीं था। बिलपांक पुलिस ने बताया राजेंद्र पाटीदार ने रविवार दोपहर करीब तीन छत्री स्थित माध्यमिक स्कूल के एक कक्ष में पंखे के हुक से रस्सी बांधकर फंदा लगा लिया।
भाई को कहा तलाश मत करना
मृतक राजेंद्र ने फंदा लगाने के कुछ समय पहले चचेरे भाई बालमुकुंद पाटीदार को फोन कर कहा वह स्कूल में है और आज स्कूल में ही रहेंगा। वह घर नहीं आएगा और उसे तलाश मत करना। बालमुकुंद ने उससे पूछा ऐसा क्यों कहा रहा है तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। चूंकि रविवार होने और स्कूल में ही चचेरे भाई राजेंद्र के रुकने की बात पर बालमुकुंद को शंका होने पर वह स्कूल पहुंचा तो राजेन्द्र फंदे पर लटका मिला। उसने परिजनों और पुलिस को पुलिस सूचना दी। मृतक की पेंट की जेब से दो सुसाइड नोट मिले। इसमें उसने लिखा कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर जान दे रहा हूं। मानसिक रूप से परेशान हो चुका हूं। शव को पंखे से उतारकर रविवार की शाम छह बजे जिला अस्ताल लाया गया। सोमवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।