रतलाम

ट्रैक पर जाने को ट्रेन ७ बजे, अंगूठे के लिए ८ बजे खुलेगा दफ्तर

रेलवे के बायोमैट्रिक उपस्थिति के निर्देश से पशोपेश में है सेक्शन के अधिकारी, मंडल के पांच हजार मैदानी अमले पर होगा सीधे असर

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Nov 16, 2017
railway

रतलाम। आने वाले दिनों में रेलवे में बायोमैट्रिक मशीन से सभी की उपस्थिति लगेगी। इससे रेलवे काम के घंटे व रेलवे को बदले में क्या लाभ हुआ, ये देखेगा। एेसे में इससे वे सेक्शन कर्मचारी परेशान है जिनको सेक्शन पर जाने के लिए ट्रेन तो सुबह ७ बजे है, लेकिन उनका दफ्तर ८ बजे खुलेगा। मंडल के करीब ५ हजार कर्मचारियों ने अपने अधिकारियों से सवाल किया है कि रात में आपात हालात होने पर वे पहले समस्या का निपटारा करे या अंगूठा लगाने दफ्तर जाए। इन सवालों के जवाब फिलहाल मंडल के अधिकारियों के पास भी नहीं है।

बायोमैट्रिक मशीन को अनिवार्य

रेलवे ने मंडल कार्यालय सहित रेलवे से जुडे़ सभी कार्यालयों में उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक मशीन को अनिवार्य कर दिया है। ये आने वाले दिनों में सेक्शन से जुडे़ अधिकारियों के लिए परेशानी का कारण बनेगी। एेसे में कर्मचारियों के सवालों से अधिकारी पशोपेश में है कि वे क्या जवाब दे। असल में रेलवे में कुछ विभाग एेसे है जहां मैदानी अमला ही तैनात रहता है। इनक तैनाती की वजह से ही रेलवे अपनी ट्रेनों को सतत चला पाता है। एेसे में इस माह के अंत तक मंडल में लगने वाली बायोमैट्रीक मशीन मैदान में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बनेगी। इसका विरोध भी अब शुरू हो गया है।

इस तरह समझे इस मामले को

रात करीब ११ बजे मोरवानी में सिग्नल फैल हुआ। एेसे में आपात हालात में रतलाम से कर्मचारी भेजे जाते हैं। जो कर्मचारी जाते है, वे पहले ही शाम ६ बजे तक काम करके अपने घर पहुंचते है। एेसे में इन कर्मचारियों का कहना है कि रेलवे अंगूठा लगाकर काम देखना चाहती है तो सिग्नल फैल होने की दशा में पहले उसको ठीक करने की प्राथमिकता रखी जाए, या अगले दिन सुबह जब तक दफ्तर न खुले, तब तक अंगूठा लगाने के लिए इंतजार किया जाए। इसी प्रकार ट्रैक विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि रात में कोई आपात हालात होने पर अंगूठा लगाएंगे या आपात स्थिति को हल करेंगे, इसकी जानकारी कोई नहीं दे रहा है। इस चिंता का भी कारण है। कर्मचारियों का कहना है कि देर रात में जब दूर आपात हालात को ठीक करने जाएंगे, तो ये स्वाभाविक है कि आएंगे भी देरी से। एेसे में किसी दिन सुबह १० बजे वापसी हुई, तो ८ बजे के अंगूठे का नियम से वे बाहर हो जाएंगे। बता दे की मैदानी अमले की शिफ्ट सुबह ८ बजे से शाम ४ बजे तक, शाम ४ बजे से रात १२ बजे तक व रात १२ बजे से सुबह ८ बजे तक चलती है। आपात हालात में सभी कर्मचारियों को बुला लिया जाता है।

फिलहाल इस बारे में निर्णय नहीं

बोर्ड ने बायोमैट्रीक मशीन से उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किए है। फिलहाल इस बारे में विचार नहीं हुआ है। इस पर परिस्थिति सामने आने पर निर्णय लिया जाएगा।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Published on:
16 Nov 2017 10:59 am