अधिक मास ने बदल दिया त्योहारों का कैलेंडर
रतलाम। इस साल अधिक मास है। यह 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इसके चलते दो ज्येष्ठ माह होंगे और हिन्दी महीने 12 की जगह 13 होंगे। एक महीना ज्यादा होने से त्योहारों का गणित भी गड़बड़ा गया है। इस साल त्योहार 2025 के मुकाबले 10 दिन पहले आएंगे, जबकि आखिरी छह महीने के त्योहार 16 से 19 दिन तक देरी तक आएगे। हालांकि मकर संक्रांति सूर्य (सौर वर्ष) पर आधारित पर्व है इसलिए यह ज्यादातर 14 जनवरी तो किसी साल 15 जनवरी को मनता है।
ज्योतिषी वीरेंद्र रावल के अनुसार सौर और चंद्र वर्ष के बीच के अंतर को संतुलित करने के लिए हर लगभग तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, इसी को अधिक मास कहते हैं। चंद्र वर्ष 354 दिन का जबकि सौर वर्ष 365 दिन का होता है। इस अंतर को पाटने के लिए ही हर तीन साल में अधिकमास होता है। अधिकमास होने पर हिंदू पर्व की तिथि में अंतर आ जाता है। इसको पुरषोत्तम मास भी कहते है।
ऐसे आया अंतर अधिक मास से
ज्योतिषी विशाल बरुआ के अनुसार अंग्रेजी कैलेंडर 2025 में होली 14 मार्च को मनाई थी, जबकि इस वर्ष यह 4 मार्च को है। इसी तरह दीपावली 2025 में 20 अक्टूबर को मनाई, जबकि इस वर्ष यह 19 दिन देरी से 8 नवंबर को मनेगी। इसी अनुसार अन्य हिंदू पर्व भी अधिकमास के आने से तिथि अधिक होने से जल्दी व देरी से आएंगे।
इस बार ये त्योहार पहले आ रहे
त्योहार - 2025 - 2026
मौनी अमावस्या - 29 जनवरी - 18 जनवरी
बसंत पंचमी - 3 फरवरी - 23 जनवरी
महाशिवरात्रि - 26 फरवरी - 15 फरवरी
होली - 14 मार्च - 4 मार्च
चैत्र नवरात्र - 30 मार्च - 19 मार्च
श्रीराम नवमी - 6 अप्रेल - 27 मार्च
महावीर जयंती - 10 अप्रेल - 31 मार्च
इस बार ये त्योहार देरी से आएंगे
त्योहार - 2025 - 2026
राखी - 9 अगस्त - 28 अगस्त
श्रीकृष्ण जन्मअष्टमी - 16 अगस्त - 4 सितंबर
श्री गणेशचतुर्थी- 27 अगस्त - 14 सितंबर
शारदेय नवरात्र - 22 सितंबर - 11 अक्टूबर
विजया दशमी - 2 अक्टूबर - 21 अक्टूबर
दीपावली - 20 अक्टूबर - 8 नवंबर