
रतलाम. पश्चिम रेलवे के ग्रुप-डी भर्ती के फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़ा करके चयन करवाने का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो दिन पहले एक मुन्नाभाई और उसका साथी पकड़ाया था। अब चार और मुन्नाभाई फर्जीवाड़ा करते हुए सामने आए हैं। आरपीएफ ने तीन को पकडक़र जीआरपी के सुपुर्द कर दिया है। तीनों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इनका चौथा साथी फरार है। यह फर्जीवाड़ा रेलवे के फुटबॉल ग्राउंड पर चल रहे शारीरिक दक्षता परीक्षा में टेक्निकल टीम ने तकनीकी साक्षों के आधार पर पकड़ते हुए बड़ा खुलासा किया है। तीनों फर्जी अभ्यर्थियों के पास से उनके दस्तावेज, फर्जीवाड़ा करने के साक्ष्य आदि को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया है।
ऐसे पकड़े गए
जीआरपी थाना प्रभारी सोहन पाटीदार ने बताया कि रेलवे के अफसरों के आवेदन के अनुसार अधिकारी ने बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड की तरफ से रेलवे फुटबाल खेल मैदान पर ग्रुप डी के फिजिकल टेस्ट चल रहे हैं। इसमें अभ्यर्थियों की जांच के लिए एक टेक्निकल कंपनी की टाइमिंग टेक्नोलॉजी टीम लगाई गई है। उसी टीम ने दौड़ के दौरान इन युवकों को पकड़ा। रेलवे की तरफ से कार्यालय अधीक्षक (रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ) पश्चिम रेलवे दीपक राजेश्वर तिवारी की तरफ से जीआरपी को आवेदन दिया गया। इस पर सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। तीन आरोपी गौरव, पंकज और अनुज को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आधार कार्ड भी दूसरों के
पुलिस ने बताया कि इनके पास से ली गई तलाशी में उन्हीं लोगों के आधार कार्ड बरामद हुए हैं, जिनकी जगह ये दौड़ रहे थे। यानी अपने असली दस्तावेज के साथ-साथ दूसरे अभ्यर्थी के दस्तावेज लेकर आए थे। इस मामले में जीआरपी ने धारा 318 (4), 319 (2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। चौथा आरोपी मनीष कुमार अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पूछताछ कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है।
पहले भी दौड़ चुके एक-दूसरे के लिए
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ अधीक्षक दीपक राजेश्वर तिवारी के आवेदन के अनुसार ये आरोपी 8 सितंबर को भी दौड़ के लिए शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा 2 सितंबर को पंकज नामक युवक अपने साथी मनीष नामक युवक के लिए और गौरव अनुज के लिए दौड़ चुका है। इनमें गौरव और पंकज डमी है जबकि अनुज असल प्रतिभागी है। इसने भी दूसरे को अपनी जगह दौड़ में शामिल करवाया था।