वर्ष 2022 में अब तक एक भी केस नहीं आया सामने
रतलाम। जिले में मलेरिया अब खत्म होने को आया है। यह बात हम नहीं बल्कि कागजों में दर्ज सरकारी आंकडे़ कह रहे है।बात करे यदि बीते पांच साल की तो तब से लेकर अब तक लगातार इसका ग्राफ गिरा है। यदि वर्तमान आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2022 में जनवरी से लेकर अब तक मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है जबकि इन साढे़ तीन माह के दौरान मलेरिया का पता लगाने के लिए 36 हजार से अधिक जांच की जा चुकी है और मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
मलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए मलेरिया विभाग के द्वारा लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत लोगों में जाकरूकता फैलाए जाने के साथ ही मच्छर जालियों का वितरण भी नि:शुल्क रूप से किया गया था जिसकी बदौलत इसके केस कम होना शुरू हो गए। इसके साथ ही बुखार के मरीजों में मलेरिया का पता लगाने के लिए लगभग हर मरीज की मलेरिया जांच के लिए स्लाइड तैयार की जा रही है।
डेढ़ लाख से अधिक मच्छर जालिया बांटी
मलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए मलेरिया विभाग द्वारा बीते दो साल से लगातार मच्छर जालियों का वितरण भी कर रहा है। यह मच्छर जालियां राशन दुकान पर दर्ज पात्र परिवारों को दी गई है जिससे कि शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग इनका उपयोग करें और मच्छरों से बचाव हो सके। इसके बाद भी बुखार आने पर मरीज के अस्पताल पहुंचने पर मलेरिया के जरा भी लक्षण नजर आने पर स्वास्थ्य विभाग का अमला स्लाइड बना कर जांच कर रहा है।
डेंगू का था प्रकोप
कोरोना संक्रमण के दौर में गत वर्ष बारिश की शुरुआत के साथ ही जिलेभर में डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिए थे। डेंगू का कहर ऐसा था कि हर घर में बुखार का मरीज था और उसके प्लेटलेट्स कम हो रहे थे। डेंगू से कुछ लोगों की जान भी गई थी। कुछ लोग इसे कोविड की तीसरी लहर मान रहे थे तो कोई इसे कुछ और कह रहा था लेकिन बीमारी के इस दौर में भी अस्पतालों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी।
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आंकडे़ एक नजर में
वर्ष ------- स्लाइड ---- पॉजिटिव
2017 ---- 184707 ---- 1047
2018 ---- 185306 ----- 0663
2019 ---- 179514 ----- 0269
2020 ---- 205141 ----- 0108
2021 ---- 216101 ----- 0038
2022 ----- 36326 ----- 0000
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इनका कहना है
सक्रियता से कर रहे काम
- मलेरिया को खत्म करने का अभियान चला रखा है जिसके तहत पूरी टीम शहर से लेकर गांव तक मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। विभागीय अमला भी समय-समय पर दवा का छिड़काव करता है। मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को मच्छर जालियां भी वितरीत की गई थी, जिसका लोग उपयोग कर रहे है।
डॉ. प्रमोद प्रजापति, जिला मलेरिया अधिकारी, रतलाम