रतलाम. प्रीतमनगर/सातरूंडा. रविवार सुबह से बिगड़े मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता फिर बढ़ा दी, रतलाम ग्रामीण के करीब दो दर्जन ग्रामों में तेज बारिश के बाद चली हवा ने फसलों को आड़ी पटक दिया, रात में गरज चमक के साथ शहर के पटरी पार क्षेत्र में तेज बारिश में तरबतर कर दिया।हवा के […]
रतलाम. प्रीतमनगर/सातरूंडा. रविवार सुबह से बिगड़े मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता फिर बढ़ा दी, रतलाम ग्रामीण के करीब दो दर्जन ग्रामों में तेज बारिश के बाद चली हवा ने फसलों को आड़ी पटक दिया, रात में गरज चमक के साथ शहर के पटरी पार क्षेत्र में तेज बारिश में तरबतर कर दिया।
हवा के साथ बारिश से गेहूं, चना, मटर एवं लहसुन की फसलों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश के चलते गेहूं की फसल आड़ी हो गई है, जिससे दाना दागी होने का खतरा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
इन गांवों में बरसा बेमौसम पानी
बेमौसम बारिश का असर सातरूंडा, प्रीतमनगर, दंतोडिय़ा, सरवड, जमुनिया, बंगला, रत्तागीरी, जेतपाड़ा, लोचीतारा, घोड़ाघाट, खरगापाड़ा, झरखेड़ी, रत्तागढख़ेड़ा सहित आसपास के कई गांवों में देखने को मिला है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसल सडऩे की आशंका जताई जा रही है।
किसानों ने सर्वे कर मुआवजे की कि मांग
किसानकिसान गोवर्धनलाल भंवर, दिलीप गोदार, गोकुलसिंह जादव, दिनेश मईडा, दरबारसिंह पंवार, मोहनलाल डिंडोर, मोहनलाल, वर्दीचंद, कैलाश चौहान, भेरूलाल पंवार, ईश्वर चौहान, अमृतलाल चौहान, गोविंद चौहान, रामचंद्र पाटीदार, मुकेश चौहान और बाबूलाल चौहान, मनोहर सिंह जादव, तरूण प्रजापत आदि किसानों ने बताया कि यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसानी का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
शहर में बूंदाबांदी, छाये रहे बादल
शहर में रविवार सुबह से शाम तक आसमान पर बादल छाये रहे, कहीं कहीं बूंदाबांदी भी हुई। बादलों के कारण दिन में उमस का एहसास लोगों ने किया। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान २७.० डिग्री और रात का १४.५ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक नयाव पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने की संभावना हैं।