
रतलाम। Weather Alert In Navratri 2019 : शारदीय नवरात्रि का 29 सितंबर से प्रारंभ हो रहे हैं, जो 7 अक्टूम्बर को महानवमी व 8 अक्टूम्बर को विजयादशमी दशहरे का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान ग्रहों के योग इस प्रकार के बन रहे है कि कही पर भारी बारिश तो कही हल्की बारिश शाम को होगी। शाम में बारिश होने से गरबा आयोजकों को विशेष व्यवस्था करने पर ध्यान देना होगा। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी संजय शिवशंकर दवे ने कही। वे गरबा आयोजकों को नवरात्रि 2019 में बारिश के योग के बारे में बता रहे थे।
बन रहे ये विशेष योग नवरात्रि में
प्रसिद्ध ज्योतिषी संजय शिवशंकर दवे ने कहा कि नवरात्र में इस साल रविवार युक्त हस्त नक्षत्र में प्रारंभ हो रहा हैं जो धर्म समृद्धि साधना आराधना हेतु सर्वोत्तम हैं। नवरात्र की प्रतिप्रदा का शुभारंभ अमृतसिद्धि योग से हो रहा हैं। प्रतिप्रदा पर सूर्योदय से सांय 7.7 बजे तक अमृतसिद्धि योग बन रहा हैं। अंतिम दिवस महानवमी पर सांय 5.26 से रात्रि सर्वार्थसिद्धि का संजोग आ रहा हैं। ज्योतिषाचार्य संजय शिवशंकर दवे ने बताया इस बार नवरात्र का आरंभ नवरात्र के आरंभ समाप्ति पर बन रहे ये अमृतसिद्धि सर्वार्थसिद्धि योग देवी साधना उपासना व्यापार शुभारम्भ नवीन कार्य क़े आरम्भ हेतु सर्वोत्तम हैं।
नवरात्रि में हवा व वर्षा योग प्रबल
प्रसिद्ध ज्योतिषी संजय शिवशंकर दवे ने बताया कि इस वर्ष 29 सितंबर प्रतिपदा को दोपहर 12.५5 बजे पर बुध तुला राशि मे प्रवेश कर रहा हैं, जिसके चलते दूज पंचमी व छठ को तेज़ हवा सहित मध्यप्रदेश में कहीं हल्की तो कही भारी वर्षा के योग भी निर्मित होंगे। 4 अक्टूम्बर को प्रात: 5.14 बजे शुक्र का भी स्वराशि तुला में प्रवेश हो रहा हैं, जिसके चलते मौसम में बदलाव होने के योग हैं। सांयकालीन बारिश की संभावना रहेंगी। इस कारण गरबा आयोजक तेज़ हवा व बारिश को ध्यान में रखते हुए आयोजन की व्यवस्था करें।
पंचग्रह की युक्ति के साथ होंगी प्रतिप्रदा
प्रसिद्ध ज्योतिषी संजय शिवशंकर दवे ने कहा कि इस बार नवरात्र की प्रतिपदा पर पंचग्रहों की युक्ति निर्मित हो रही हैं, जिसमें सूर्य चंद्र मंगल शुक्र व बुध एक ही राशि कन्या में स्तिथ रहेंगे, जिसके चलते कही-कही हड़ताल प्रदर्शन आंदोलन की स्थिति देखने को मिलेंगी, साथ ही इन ग्रहों की संयुक्त युक्ति से वातावरण में मौसमी बदलाव भी देखने को मिलेगा। इस बार नवरात्र में की गई ज़रूरतमन्द की सेवा, पौधों का रोपण अनन्य गुना पूण्य के रूप में पुन: प्राप्त होंगा।
इस बार विशेष रहेगा ये नवरात्रि में
चतुर्थी 2 अक्टूम्बर को दोपहर 12.52 से रात्रि अमृतसिद्धि योग।
पंचमी 3 अक्टूम्बर को प्रात: 6.23 से दोपहर 12.10 सर्वार्थसिद्धि योग।
अष्टमी 6 अक्टूम्बर को दोपहर 3.4 से सम्पूर्ण रात्रि सर्वार्थसिद्धि योग।
नवमी 7 अक्टूम्बर सांय 5.26 से सम्पूर्ण रात्रि सर्वार्थसिद्धि योग निर्मित हो रहा हैं।
29 सितम्बर घटस्थापना शुभ मुहूर्त
चल- प्रात: 7.50 से 9.19 बजे तक।
लाभ-प्रात: 9.19 से 10.48 तक।
अमृत- प्रात: 10.48 से 12.17 तक।
शुभ-दोपहर 01.46 से 3.15 तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 11.53 से 12.41 बजे तक।
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