रतलाम

करोड़ों के राशन कार्ड घोटाले में आरोपी ठेकेदार यशवंत गंग की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

- दस दुकानों की जांच के दौरान दस करोड़ के राशन घोटाले का मामला  
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patrika
करोड़ों के राशन कार्ड घोटाले में आरोपी ठेकेदार यशवंत गंग की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

रतलाम।

जिला अपर सत्र न्यायाधीश साबिर अहमद खान की कोर्ट ने दस करोड़ के राशन घोटाले के मामले में लंबे समय से फरार ठेकेदार यशवंत गंग ने अग्रिम जमानत अर्जी को शनिवार को खारिज कर उसके बचने के सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया है। आरोपी ठेकेदार लंबे समय से फरार है। जबकि पुलिस मामले के आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज रखा है। न्यायाधीश ने मामले तर्क दिया कि आवेदक द्वारा कर्तव्य का पालन किया होता तो सामाजिक हित की योजनाओं को क्षति पहुंचाने से रोका जा सकता था। आरोपियों के साथ संलिप्तता देखते हुए अनुसंधान शेष होने के कारण जमानत अर्जी खारिज की जाती है। गौरतलब है कि इस मामले में निगम निगम के तत्कालीन प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र पंवार और स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र ठक्कर की पूर्व में हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।

आरोपी ठेकेदार यशवंत गंग की ओर से उनके वकील ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाकर फरियाद लगाई कि रतलाम नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा फर्जी लिस्ट राष्ट्रीय खाद्य गारंटी योजना अधिनियम 13 के अतंर्गत तैयार की है। आवेदक का कोई कार्य आपराधिक कृत्य नहीं है। पुलिस गिरफ्तार करने पर आमादा है। अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। वह परिवार का एक मात्र कार्य करने वाला सदस्य जो कि जीविकापार्जन करता है। उससे कोई भी संपत्ति जब्त नहीं की जाना है। वह वेदव्यास कॉलोनी का स्थायी निवासी है।

सरकारी वकील ने जमानत पर ली आपत्ति

लोक अभियोजक सुभाष जैन ने जमानत अर्जी पर आपत्ति ली और कहा कि महर्षि उपभोक्ता भंडार में जांच के समय 1115 हितग्राही परिवार 5361 सदस्य पाए गए। जांच में 393 परिवार 2127 सदस्य फर्जी थे। राशन घोटाला सामने आने के बाद प्रत्येक प्रकरण में सीसीटीवी लगाने के बाद जुलाई 2017 में 631 परिवारों ने राशन नहीं लिए है। जांच प्रारंभ होते ही छह माह में पात्र हितग्राही कहां चले गए। सभी काल्पनिक थे, कागजों पर राशन वितरण करना बताया जा रहा है। केस डायरी तथा टीआई द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन का अवलोकन किया है।

जिला कलेक्टर ने दिए थे जांच के आदेश

घटना का प्रांरभ जिला कलेक्टर द्वारा आदेशित पत्र में जांच दल ने 1 मार्च 2018 को 62 पृष्ठ की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। केशव, गणेश, पूजा, साईनाथ महर्षि, दुर्गा की राशन दुकानों पर जांच करने पर फर्जीवाड़ा पाए जाने के जिम्मेदार व दोषी व्यक्तियों द्वारा कर्तव्य में लापरवाही की गई। योजनाबद्ध तरीके से गबन कर खाधान्न की कालाबाजारी कर आर्थिक लाभ अर्जित किया है। आपराधिक कृत्य में दोषी यशवंत गंग नेट प्लेनेट कम्प्यूटर प्रोपराइटर राजेंद्र सिंह पंवार स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम, रविंद्र ठक्कर स्वच्छता निरीक्षक, रमेशचंद्र जांगड़े खाद्य अधिकारी, वंदना बाबरिया कनिष्ठ खाद्य अधिकारी, उमेश पाण्डेय सहायक आपूर्ति अधिकारी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है।

यह आया जांच में

जांच प्रतिवेदन व अनुसंधान में पाया गया है कि कम्प्यूटर ऑपरेटर व नगर निगम ने समग्र शाखा के अधिकृत कम्प्यूटर प्रभारी यशवंत गंग ने सामाजिक सुरक्षा व सामाजिक न्याय संचनालय के परिवार भोपाल 12 जनवरी 2017 के अनुसार प्राथमिक परिवारों को 22 श्रेणियों में विशिष्ट पंजीयक न करते हुए की गई प्रविष्टि में संबंध में दस्तावेज व आवेदन का संधारण रेकार्ड कार्यालय में नहीं किया। निर्धारित आनलाइन प्रक्रिया का पालन नहीं किया और न ही आवेदन लिया साथ ही न जांच परीक्षण कर रिकार्ड का संधारण किया। समग्र पोर्टल पर परिवार आईडी में खाधान्न पर्ची जारी कर दी। कुल 2896 परिवारों की पात्रता फर्जी पाई गई।

Published on:
24 Jun 2018 12:55 pm