रतलाम

पेज चार की फ्लायर – ट्रांसफार्मर का काम पूरा, इस सप्ताह शुरू हो जाएगा फ्लोटिंग पंप

Jul 17, 2026
Feature image

फोटो आरटी-1701


रतलाम. धोलावाड़ में लगाए जा रहे फ्लोटिंग पंप का काम लगभग पूरा हो गया है। ट्रांसफॉर्मर लगाने से लेकर तार डालने और फ्लोटिंग पंप स्टेशन को सही जगह स्थापित करने का काम पूरा हो चुका है। अब इसे पूरी तरह से वर्किंग में लाने का काम करने के लिए दो दिन में पूरा करने का टारगेट रखा है। इसके बाद इसे चालू कर दिया जाएगा। फ्लोटिंग पंप पर लगाए गए दोनों ही पंपों को पहले ही चालू करके टेस्टिंग कर ली गई है।



जेकवेल से 500 मीटर से भी ज्यादा दूर



निगम का जेकवेल धोलावाड़ में काफी अंदर तक बनाया हुआ है। इसके बावजूद डेम में पानी कम होने से इस तक पानी पहुंचने में दिक्कत आती रही है। मड पंप लगाने और नहर बनाकर पानी लाने की हर साल मशक्कत करनी पड़ती रही है। इस मशक्कत से बचने के लिए ही फ्लोटिंग पंप (पानी में तैरता स्टेशन) लगाने की योजना दो साल पहले बनी थी। अब यह स्थापित कर दिया गया है। खास बात यह है कि इसे जेकवेल से करीप पांच सौ मीटर दूर गहरे पानी में स्थापित किया गया है। जिससे गर्मी में डेम का जलस्तर काफी कम होने पर भी कोई परेशानी नहीं आएगी।




चार मोटरें होंगी इस पर



फ्लोटिंग स्टेशन पर चार मोटरें लगाई जाएंगी। इनमें 135 हॉर्स पॉवर की दो और 215 हॉर्स पॉवर की दो मोटरें होंगी। इनमें से दोनों तरह की एक-एक मोटरें वर्किंग में रहेंगी जबकि दो मोटरें स्टैंड बॉय के रूप में रखी जाएंगी। कोई मोटर खराब हो जाए तो उसके स्थान पर स्टैंड बाय मोटर का उपयोग हो सके।




बारिश नहीं होने से उतरा लेवल

धोलावाड़ में इस बारिश के सीजन में पहली बार पानी पहुंचा और डेढ़ मीटर लेवल बढ़ा था। एक सप्ताह से बारिश नहीं होने की दशा में अब यह लेवल उतरने लगा है। अभी डेम में 384.50 मीटर पर पानी पहुंच चुका है। धोलावाड़ में इस बारिश के सीजन में पिछले साल के मुकाबले पांच मीटर पानी कम है।





कोई दिक्कत नहीं


टेस्टिंग कर ली गई धोलावाड़ में फ्लोटिंग पंप और स्टेशन स्थापित कर दिए गए हैं। पंपों को स्थापित करने के पहले ही टेस्टिंग कर ली गई है और कोई दिक्कत नहीं है। केबल कनेक्शन किया जाना है जो एक-दो दिन में कर लिया जाएगा।



राहुल जाखड़़, कार्यपालन यंत्री नगर निगम जल विभाग

बहुत कम पानी उपलब्ध






इस बार बहुत कम पानी धोलावाड़़ में इस बार बहुत कम पानी उपलब्ध है। बारिश कम होने से यह स्थिति बनी है। पिछले साल इसी तारीख तक पांच मीटर ज्यादा यानी 389.24 के लेवल पर पानी था जबकि इस बार मात्र 384.50 मीटर है।

रतन मीणा, एसडीओ सिंचाई विभाग

Updated on:
17 Jul 2026 06:00 am
Published on:
17 Jul 2026 06:00 am