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जरुरी- पुलआउट पेज एक पर फ्लायर : साहसिक निर्णय ने दिया गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु को नया जीवन

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रतलाम

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Newsdesk

Jul 17, 2026

फोटो-आरटी-1704-विशेषज्ञ के साथ अंजलि व परिवार

ह्यूमन एंगल का लोगो रहेगा




नीमच। चिकित्सा विशेषज्ञता और समय पर किए गए उपचार का उत्कृष्ट और साहसिक निर्णय ने गंभीर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामले में 23 वर्षीय गर्भवती महिला एवं उसके नवजात शिशु की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। मामला जिला मुख्यालय के ज्ञानोदय मल्टीस्पेश्यलिटी हॉस्पिटल, नीमच के चिकित्सकों का है। यहां जब 23 वर्षीय अंजलि को लाया गया तब रक्तचाप 220/130 होकर फेफड़ों में पानी भर गया था। इसके बाद जो कार्य ज्ञानोदय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की क्रिटिकल केयर टीम ने किया, उसके बाद अंजलि ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी के साथ मुस्कराहट आ गई है।


23 वर्षीय अंजलि ने बताया नौ माह की पूर्ण गर्भावस्था में प्रसव के लिए अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल परिजन लेकर आए। जब चिकित्सकों ने जांच की तो रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) 220/130 एमएमएचजी था। इस दौरान मुझे लगातार झटके (सीज़र) आ रहे थे। फेफड़ों में पानी भर गया था (पल्मोनरी एडीमा) तथा मैं पूरी तरह बेहोश अवस्था में चली गई थी। चिकित्सकों के अनुसार वहीं गर्भस्थ शिशु की धड़कन भी लगातार कम हो रही थी जिससे मां और शिशु दोनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।



यह किया चिकित्सकों ने
अस्पताल पहुंचते ही क्रिटिकल केयर टीम ने तत्काल मरीज को इंट्यूबेट कर वेंटिलेटर सपोर्ट दिया तथा जरुरी जीवनरक्षक उपचार प्रारंभ किया। मरीज की गंभीर स्थिति एवं उपचार से जुड़े संभावित जोखिमों की पूरी जानकारी उनके पति एवं अन्य परिजनों को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभ्रा तिवारी ने अपनी टीम के साथ जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित प्रसव कराया गया और मां एवं नवजात शिशु दोनों को सुरक्षित रखा गया।


चार दिन आईसीयू में

ऑपरेशन के बाद मरीज को चार दिनों तक आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अतुल पाटीदारएवं उनकी टीम ने 24 घंटे सतत निगरानी रखते हुए उपचार किया। इसका सकारातमक परिणाम यह हुआ अंजलि का रक्तचाप सामान्य हो गया, फेफड़ों की स्थिति में सुधार आया तथा स्वास्थ्य में निरंतर सुधार होने पर उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब मां एवं नवजात शिशु पूरी तरह से स्वस्थ हैं और सफल उपचार के बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

सर्वोच्च प्राथमिकता है
ज्ञानोदय मल्टीस्पेश्यलिटी हॉस्पिटल में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, क्रिटिकल केयर, नवजात शिशु चिकित्सा एवं इमरजेंसी सेवाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि गंभीर एवं जटिल मामलों में भी समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।