रियल एस्टेट

रिंग रोड परियोजनाः पहले फेज की लागत 959 करोड़, कंपनी ने 819 करोड़ अंकित की

पहले चरण में रोड व फ्लाईओवर का निर्माण होगा, तीनों राजमार्ग से जोडऩे के लिए बने वाला स्ट्रक्चर का काम दूसरे चरण में होगा

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Nov 02, 2017
ring road
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जयपुर। शहर की महत्वकांक्षी परियोजना रिंग रोड का काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में रोड व फ्लाईओवर का निर्माण होगा, तीनों राजमार्ग से जोडऩे के लिए बने वाला स्ट्रक्चर का काम दूसरे चरण में होगा। पहले चरण की लागत 959 करोड़ रु. आंकी है। दूसरे चरण की निविदा अलग से होगी, जिस पर करीब 250 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

इसके निर्माण की कमान अब हरियाणा की कंपनी को सौंपी जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसमें हरियाणा की गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी को कार्यादेश जारी होना है। निविदा प्रक्रिया में 15 कंपनियां शामिल हुई थी, जिसमें से गावर ने 819 करोड़ रुपए अंकित किए हैं। प्राधिकरण ने दिसम्बर के पहले सप्ताह से काम शुरू करने का दावा किया है।

रिंग रोड आगरा रोड से अजमेर रोड के बीच होगी। इस दौरान आगरा रोड व अजमेर रोड के अलावा टोंक रोड से भी इस पर चढऩे के लिए स्ट्रक्चर (क्लोअर लीफ डिजाइन की तरह) बनाया जाएगा। यह काम बेहद महत्वपूर्ण और तकनीक युक्त है, इसलिए एनएचएआई इसके लिए अलग से टेंडर करेगी।

इधर, अनुबंध खत्म करने की तैयारी...
जेडीए और सेनजोस सुप्रीम डवलपमेंट टॉलवेज प्रा. लि. कंपनी के बीच अनुबंध खत्म करने के ड्राफ्ट पर जल्द हस्ताक्षर होंगे। इस ड्राफ्ट को एम्पावर्ड कमेटी मंजूरी दे चुकी है। इसके बाद दोनों का इस प्रोजेक्ट से दखल खत्म हो जाएगा। जेडीए जल्द से जल्द हस्ताक्षर के लिए कह रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक उन ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया है, जिनका पैसा वर्षों से अटका हुआ है। यह राशि करीब 16 करोड़ रुपए बताई जा रही है। हालांकि, एम्पावर्ड कमेटी ने इसके पेटे करीब 15 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी रखने का निर्णय किया है।

यहां होगा टोल प्लाजा...
पहला टोल प्लाजा... आगरा रोड की तरफ से 2.5 किमी आगे खोरी रोपाड़ा के पास।
दूसरा टोल प्लाजा... टोंक रोड-फागी रोड के बीच दादिया के पास होगा।

५१५ करोड़ रुपए जेडीए को मिलेंगे
रिंग रोड भले ही जेडीए से एनएचएआई के पास चली गई है, लेकिन जाते—जाते भी जेडीए की तिजोरी में रोकड़ आएगी। एनएचएआई जेडीए को हर साल बतौर प्रीमियम राशि देगा। हर साल 35 करोड़ रुपए देने का करार हुआ है। इस आधार पर 350 करोड़ रुपए बनते हैं, लेकिन हर वर्ष 8 प्रतिशत बढ़ोत्तरी भी होगी। ऐसे में दस वर्ष में जेडीए के खाते में करीब 515 करोड़ रुपए आ जाएंगे।

Published on:
02 Nov 2017 01:01 pm