
Agla Janm Kaise Pata Kare: सनातन धर्म के महापुराणों में गरुड़ पुराण का विशेष महत्व है। इसमें भगवान विष्णु ने अपने वाहन गरुड़ को जीवन, मृत्यु और उसके बाद की यात्रा के गहरे रहस्यों के बारे में समझाते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी मृत्यु से पहले ही यह तय हो जाता है कि आपका अगला जन्म कहां और किस रूप में होगा? गरुड़ पुराण के अनुसार, यह पूरी तरह से व्यक्ति के कर्मों और मृत्यु के समय उसके मन की स्थिति पर निर्भर करता है। साथ ही कुछ संकेतों पर गौर कर हम ये पता कर सकते हैं कि अगला जन्म हमें किस योनी में मिलेगा।
गरुड़ पुराण में कुल 84 लाख योनियों का वर्णन आता है। इनमें से मनुष्य योनि को सबसे श्रेष्ठ और दुर्लभ बताया गया है। व्यक्ति जीवन भर जो कर्म करता है, उसका लेखा-जोखा अगले जन्म की योनी का आधार बनता है। जो लोग पुण्य कर्म और भक्ति में लीन रहते हैं, उन्हें उत्तम लोक या फिर से श्रेष्ठ मानव कुल में जन्म मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार, मृत्यु के समय मनुष्य के मन में जो विचार चल रहे होते हैं, वे भी अगले जन्म को प्रभावित करते हैं। इसलिए धर्म में अंत समय में ईश्वर के नाम स्मरण पर विशेष जोर दिया गया है। गरुड़ पुराण डराता नहीं है, बल्कि हमें सही मार्ग पर चलने और मोक्ष प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। गरुड़ पुराण के मुताबिक, अंतिम समय में भक्ति, भगवान का नाम जप और सद्कर्म ही मनुष्य को करने चाहिए।