
कब है अक्षय नवमी
पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल नवमी की शुरुआत 21 नवंबर सुबह 6.46 बजे से हो रही है और यह तिथि 22 नवंबर 2023 को सुबह 4.39 बजे संपन्न हो रही है। इसलिए उदयातिथि में 21 नवंबर मंगलवार को अक्षय नवमी मनाई जाएगी। इस तिथि का शुभ मुहूर्त सुबह 06:46 बजे से सुबह 11:49 बजे तक यानी कुल 5 घंटे 4 मिनट का है। वहीं इस बार अक्षय नवमी खास है इसी दिन गोपाष्टमी भी मनाई जाएगी।
अक्षय नवमी का महत्व
यह व्रत देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले रखा जाता है। इस दिन ही सतयुग की शुरुआत हुई थी। इसलिए इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान या किसी धार्मिक कार्य से प्राप्त फल कभी कम नहीं होता और व्यक्ति को न केवल इस जीवन में बल्कि अगले जीवन में भी इसका लाभ मिलता है। इसका महत्व अक्षय तृतीया जैसा है, क्योंकि अक्षय तृतीया के दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है।
मथुरा वृंदावन की परिक्रमा होती है विशेष
अक्षय नवमी के शुभ दिन पर मथुरा-वृंदावन की परिक्रमा करने का बड़ा महत्व है। इस दिन अक्षय पुण्यफल पाने के लिए हजारों की संख्या में भक्त मथुरा-वृंदावन की परिक्रमा करते हैं। मान्यता है भगवान विष्णु आंवले के पेड़ में वास करते हैं। इसलिए इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। इसीलिए इसे आंवला नवमी भी कहते हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में इसी दिन जगद्धात्री पूजा की जाती है।
अक्षय नवमी के दिन शुभ योग
अक्षय नवमी इस बार बेहद खास है, क्योंकि इस दिन रवि योग बन रहा है। रवि योग में किए जाने वाले हर शुभ कार्य में सफलता मिलती है। इस दिन रवि योग रात 8 .01 बजे से अगले दिन 22 नवंबर को सुबह 6.49 बजे तक है।
अक्षय नवमी की पूजा विधि
1. आंवला नवमी पर सुबह स्नान कर पूजा का संकल्प लें।
2. इसके बाद आंवले के पेड़ की पूजा कर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का वरदान मांगें।
3. आंवले के वृक्ष के पास ही पूर्व दिशा में मुंह करके जल अर्पित करें।
4. आंवले के पेड़ की सात बार परिक्रमा करें और कपूर से आरती करें।
5. आंवले के पेड़ के नीचे निर्धनों को भोजन कराएं और स्वयं भी भोजन करें।
अक्षय नवमी उपाय
1. अक्षय नवमी के दिन घर में आंवले का पौधा लगाएं, ऐसा करना शुभ माना जाता है।
2. अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ पर हल्दी का स्वास्तिक बनाएं। मान्यता है इससे घर में सुख समृद्धि आती है।
3. आंवले के बीजों को हरे कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन के स्थान पर रखें, इससे आर्थिक लाभ होता है।
4. अगर आप व्यापारी हैं तो आवले के बीजों की बंधी पोटली अपने गल्ले में रख सकते हैं।