धर्म और अध्यात्म

अयोध्या की ओरिजनल श्रीराम मूर्ति दर्शन देती है यहां, क्या आप जानते हैं

हिंदू दर्शन में कण-कण में भगवान की कल्पना की गई है और यह भी मान्यता है कि मनुष्य को संकटों से छुटकारा दिलाने के लिए और जीवन जीने का तरीका सिखाने के लिए समय-समय पर भगवान मनुष्य रूप में जन्म लेते हैं। ऐसे ही त्रेता युग में भगवान विष्णु के अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अयोध्या में जन्म लिया था।बाद में सदियों बाद इसी रामजन्म स्थान पर मंदिर बना, लेकिन एक समय ऐसा आया कि जब इस मंदिर की ओरिजनल मूर्ति कहीं और पहुंचानी पड़ी। क्या आप जानते हैं अयोध्या के श्रीराम मंदिर की ओरिजनल मूर्ति देश के इस मंदिर में दर्शन देती है..

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Sep 04, 2023
ओरछा में बनेगा राजा राम लोक

किंवदंती ओरछा के राजा राम मंदिर में है ओरिजिनल मूर्ति
मध्य प्रदेश के ओरछा शहर और अयोध्या का नाता सदियों पुराना है। ओरछा और पूरे बुंदेलखंड में इस संबंध में कई किंवदंतियां प्रचलित हैं। एक किंवदंती के अनुसार 16वीं सदी में जब भारत में विदेशी आक्रांता मंदिरों और मूर्तियों को तोड़ रहे थे, तब अयोध्या के संतों ने जन्मभूमि में विराजमान श्रीराम के विग्रह को जल समाधि देकर बालू में दबा दिया था। फिर कालांतर में जब ओरछा की महारानी कुंवरि गणेश अयोध्या गईं और कई दिन की तपस्या के बाद जब सरयू में स्नान करने गईं तो इस दौरान किसी वक्त यह प्रतिमा उनकी गोद में आ गई, यही प्रतिमा महारानी ओरछा लेकर आईं और यहां रामराजा मंदिर में स्थापित की गई।


यह भी है कहानी
इस संबंध में साहित्यकार राकेश अयाची का कहना है कि 16वीं सदी में अकबर ने दरबार में तिलक लगाकर आने पर पाबंदी लगा दी थी, तब ओरछा के पराक्रमी हिंदू शासक मधुकर शाह ने बगावत कर दी थी। उनके तेवर के चलते अकबर को अपना फरमान वापस लेना पड़ा था। इससे अयोध्या के संतों को यह भरोसा था कि मधुकर शाह की हिंदूवादी सोच के बीच राम जन्मभूमि का भगवान श्रीराम का यह विग्रह ओरछा में पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसीलिए उनकी महारानी कुंवर गणेश अयोध्या पहुंचीं तो संतों ने इस विग्रह को उन्हें दे दिया, जिसे महारानी ओरछा ले आईं। बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश ने ही श्रीराम को अयोध्या से ओरछा लाकर विराजित किया था।


इतिहासकारों का यह है कहना
वहीं कुछ इतिहासकारों का कहना है कि रामराजा के लिए ओरछा के मंदिर का निर्माण कराया गया था, पर बाद में उन्हें सुरक्षा कारणों से मंदिर की बजाय रसोई में विराजमान किया गया। इसके पीछे तर्क ये है कि माना जाता था कि रजवाड़ों की महिलाएं जिस रसोई में रहती हैं, उससे अधिक सुरक्षा और कहीं नहीं हो सकती।

क्यो है सुर्खियों में ओरछा
ओरछा में प्रचलित कई किंवदंतियां और कहानियां भगवान राम के जन्मस्थान अयोध्या और मध्य प्रदेश के ओरछा का संबंध जोड़ते हैं। इसको लेकर अक्सर अटकल लगाई जाती रहती है कि कहीं अयोध्या के राम जन्म भूमि की असली मूर्ति ओरछा के रामराजा मंदिर में तो विराजमान नहीं? और भगवान राम या राम मंदिर से जुड़ी किसी घटना के सामने आते ही ओरछा का रामराजा मंदिर सुर्खियों में आ जाता है।


अब मध्य प्रदेश सरकार ओरछा के राम राजा मंदिर का विकास करना चाहती है, इसके लिए यहां रामराजा लोक का निर्माण प्रस्तावित है, जिसका 4 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भूमि पूजन किया। इसकी वजह से फिर राम राजा मंदिर ओरछा सुर्खियों में है और लोग इससे जुड़ी कहानियां गूगल पर सर्च कर रहे हैं।

Updated on:
04 Sept 2023 04:33 pm
Published on:
04 Sept 2023 04:32 pm
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