
B Praak on Premanand Maharaj ji: तन की पीड़ा दवाओं से दूर हो जाती है पर मन का कष्ट आज लोगों को सताता रहता है। इसमें से कई का इलाज मनोचिकित्सक के पास भी नहीं होता, ऐसे लोगों के कष्ट से राहत आध्यात्म में मिलती है। लेकिन जगदगुरु कृष्ण की बातें आम लोगों के लिए समझनी आसान नहीं हैं, ऐसे में वो संतों का सहारा लेते हैं पर ऐसे संत मिल जाएं जो मन की सभी जिज्ञासाओं को शांत कर दें ये आसान नहीं हैं।
ऐसे में अक्सर कई लोग अपने कष्ट का इलाज पूछने वृंदावन में राधावल्लभ संप्रदाय के आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के पास भी पहुंचते हैं। इसमें क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा हों या म्यूजिक कंपोजर गायक बी प्राक और उनकी पत्नी हों, वहां इन्होंने क्या पाया और इसके बाद प्रेमानंद महाराज पर जो कहा वह पढ़कर आप कुछ सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। आइये जानते हैं बी. प्राक ने प्रेमानंद जी महाराज पर क्या कहा ..
म्यूजिक कंपोजर और गायक प्रतीक बच्चन यानी बी. प्राक ने एक फेमस यूट्यूब चैनल के शो में संत प्रेमानंद महाराज पर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा सरल संत नहीं देखा। आज के दौर में उनके जैसे संत महात्मा कम ही मिलते हैं। वो प्रश्नों और लोगों की समस्याओं के उत्तर आम जीवन से देते हैं, जिससे वो समझना आसान हो जाती हैं। उनकी बातें सरल सहज, ग्राह्य, आध्यात्मिक गूढ़ विषयों को समझाने वाली और भक्तों को सही दिशा दिखाने वाली हैं।
बी प्राक ने कहा कि, ऐसा लगता है कि जैसे राधा रानी ने ही अपने अंश को संतश्री के रूप में प्रकट किया है। इनको किसी से कोई लेना देना नहीं, उनका किसी से भी जो रिश्ता है सिर्फ भक्ति का है, प्रेम भक्ति का रिश्ता है।
सिंगर बी प्राक ने लोगों को अपने कष्टों के निवारण के लिए संत प्रेमानंद का आशीर्वाद लेने की सलाह दी है, कहा कि उनकी बातें ऐसी लगती हैं जैसे आप साक्षात ठाकुरजी और राधारानी की बातें सुन रहे हों और उन्हीं से मिलकर आएं हैं। लोग उनको पूरी तरह से जान नहीं सकते हैं। मैं सोचता था कि किसी न किसी सवाल का जवाब उनके पास नहीं होगा, लेकिन जब भी मैं ऐसा सोचता हूं, उसी समय मैं गलत हो जाता हूं और वो सहजता से सवाल का जवाब दे देते हैं।
सिंगर बी. प्राक जब पत्नी मीरा के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे तो उनकी पत्नी ने भी सवाल पूछे थे, वो सवाल और जवाब आपको भी जानना चाहिए।
सिंगर ने कहा वो महाराजजी के वीडियो लंबे समय से देख रहे थे, इससे पहले उनके साथ एक हादसा हुआ था, उसकी पीड़ा दंपती में थी। इससे निकलने का मार्ग वो ढूंढ़ रहे थे, इसके लिए उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मिलने की सोची। यहां उनकी पत्नी ने महाराज से पूछा कि मां 9 महीने पेट में बच्चे को रखती है और वो आते ही खत्म हो जाता है, यह पीड़ा कैसे दूर हो।
इसका संत श्री ने जो जवाब दिया उससे मीरा को संतुष्टि और होप मिली। इससे वह शांत हुई। प्रेमानंद महाराज ने बताया कि कब और जब जैसे जिसको आना-जाना है वह आएगा जाएगा, उस पर आपका नियंत्रण नहीं। इसमें मालूम नहीं आने वाले का कर्म कैसा था और जिसके यहां आया उसका कर्म कैसा रहा।
लेकिन असली सवाल ये है कि जब हम पेट में होते हैं तो ईश्वर से वादा करके आते हैं कि मेरे को एक बार जठराग्नि की पीड़ा से मुक्त कर दो, मैं धर्म के रास्ते पर चलूंगा, धर्म से लोगों को जोड़ूंगा, हर इंसान में तुझे देखूंगा, लेकिन बाहर भूल जाता है।
हालांकि वह बार-बार मौके पाता है, उसको इसी अवसर को भुनाना चाहिए और वादा निभाना चाहिए। इसी से उसे पीड़ा से मुक्ति मिल सकती है। इसने उनकी पत्नी को बड़ी ताकत दी और उसको होप बंधी कि सन विल राइज अगेन, जैसे उनकी मर्जी, वैसे रहना है। ऐसा लगता है कि हम राधा रानी की शरण में हैं।