
Galantika Seva : जयपुर की भीषण गर्मी के बीच शिवालयों में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। 40 डिग्री तापमान में भगवान शिव को शीतलता पहुंचाने के लिए शहर के मंदिरों में पारंपरिक गलन्तिका सेवा शुरू हो चुकी है। समुद्र मंथन की पौराणिक मान्यता से जुड़ी इस सेवा में शिवलिंग पर लगातार जल टपकाकर अभिषेक किया जाता है। अधिक मास के चलते इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया है, जिसके कारण कई मंदिरों में बुकिंग तक फुल हो चुकी है।
गलन्तिका सेवा के तहत मटकी, कलश या पात्र को शिवलिंग के ऊपर स्थापित कर उससे बूंद-बूंद जल टपकाया जाता है। चारदीवारी, मालवीय नगर, मानसरोवर, जगतपुरा, बनीपार्क, सीकर रोड व वैशाली नगर सहित शहर की अन्य कॉलोनियों के शिवालयों में भी गलन्तिकाएं रखी जा चुकी हैं। कुछ मंदिरों में बुकिंग फुल हो चुकी है। कई स्थानों पर श्रद्धालु ऑर्डर देकर कलश तैयार करवा रहे हैं। आगामी दो माह यह सिलसिला चलेगा। जगतपुरा स्थित ओंकारेश्वर महादेव, जवाहर नगर स्थित मनोकामेश्वर महादेव सहित अन्य शिवालयों में गलन्तिका लगाई गई।
ज्योतिषाचार्य पं. हनुमान दाधीच और पं. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि गलन्तिका सेवा का संबंध कालसर्प दोष निवारण से भी जुड़ा है। पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल (विष) को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था। उसकी तीव्रता को शांत करने के लिए देवताओं ने निरंतर जल, दूध और शीतल द्रव्यों से अभिषेक किया, तभी से गलन्तिका की परंपरा प्रचलित है।
जवाहर नगर मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि यह सेवा ज्येष्ठ और आषाढ़ तक चलती है। इस बार अधिक मास होने के कारण यह सेवा जून तक जारी रहेगी। बीते दो दिनों में ही शहर के 50 से अधिक छोटे-बड़े मंदिरों में गलन्तिका स्थापित की जा चुकी है।
स्कंद और शिव पुराण के अनुसार ज्येष्ठ महीने में सूर्योदय से पहले उठकर नहाने के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विधान है। ज्येष्ठ महीने में तेज गर्मी पड़ती है, इसलिए शिव पर जलधारा लगाई जाती है। वैशाख महीने के दौरान तीर्थ स्नान और दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में पशु-पक्षियों को भी जल पिलाने की व्यवस्था किए जाने की परंपरा है।
देवस्थान विभाग के प्रतापेश्वर महादेव मंदिर, बनीपार्क स्थित जंगलेश्वर महादेव मंदिर में सहस्त्रघट के लिए एडवांस बुकिंग हुई है। जंगलेश्वर महादेव सेवा समिति ट्रस्ट के संयुक्त सचिव गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि गंगाजल का टैंकर भी मंगवाया जा रहा है।