धर्म और अध्यात्म

Govardhan Puja : आखिर क्यों बनाया जाता है अन्नकूट? जानें इसके पीछे की दिव्य कथा

Govardhan Puja : दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा पर्व अन्नकूट भोग के लिए प्रसिद्ध है। जानिए क्यों बनाया जाता है अन्नकूट, इसके धार्मिक महत्व के साथ-साथ शरीर के लिए इसके अद्भुत फायदे।

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Oct 22, 2025
Govardhan Puja (photo- gemini ai)

Govardhan Puja : दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का पर्व मथुरा और गोवर्धन क्षेत्र में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से अन्नकूट महोत्सव के रूप में की जाती है। इस अवसर पर भक्तजन भगवान को तरह-तरह के व्यंजन अर्पित करते हैं, जिसे अन्नकूट भोग कहा जाता है। यही अन्नकूट बाद में प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अन्नकूट बनाने की यह परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी कितनी लाभकारी है?

अन्नकूट का अर्थ ही होता है अन्न का पर्वत यानी अनेक प्रकार के अन्न और व्यंजनों का संगम। दीपावली के तुरंत बाद जब मौसम में हल्की ठंड शुरू होती है, तब यह पर्व शरीर के लिए बेहद फायदेमंद भोजन प्रस्तुत करता है। इस दिन तैयार किए जाने वाले व्यंजनों में मुख्य रूप से बाजरे की खिचड़ी, कढ़ी, पूरी और मौसमी सब्जियों की मिक्स डिश शामिल होती है। बाजरे की खिचड़ी में पालक, मेथी या मटर जैसी हरी सब्जियां मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जाता है।

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ठंड के मौसम का सबसे अच्छा अनाज

बाजरा अपने आप में ठंड के मौसम का सबसे अच्छा अनाज माना जाता है। यह गर्म तासीर वाला होता है और शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ गर्माहट प्रदान करता है। इसमें भरपूर प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स होते हैं, जो सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी परेशानियों से शरीर को बचाते हैं। वहीं कढ़ी शरीर को अंदर से गर्म रखती है और कैल्शियम का अच्छा स्रोत होती है। हालांकि जिन लोगों को कफ या सर्दी की समस्या रहती है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं

अन्नकूट में तैयार की जाने वाली मिक्स सब्जियां भी सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं होतीं। इसमें मौसमी सब्जियां जैसे मूली, गाजर, बैंगन, मटर, पालक और मेथी शामिल होती हैं। ये सब्जियां शरीर को आवश्यक विटामिन, आयरन और फाइबर देती हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और संक्रमण से बचाव होता है।

होने वाली बीमारियों से बचाते हैं

दरअसल, कार्तिक माह में मौसम बदलने के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, त्वचा की समस्याएं और आंखों में जलन जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में अन्नकूट जैसे पारंपरिक व्यंजन शरीर को न केवल पोषण देते हैं बल्कि मौसम परिवर्तन से होने वाली बीमारियों से बचाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि अन्नकूट सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया जाने वाला प्रसाद नहीं, बल्कि एक आयुर्वेदिक भोजन परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलित करती है। अन्नकूट के हर निवाले में निहित है भक्ति, स्वाद और सेहत का अद्भुत मेल।

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Published on:
22 Oct 2025 09:30 am
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